आरव शर्मा
देहरादून (शिखर समाचार)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की हरित उत्तराखंड स्वच्छ उत्तराखंड की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने पूरी ताकत झोंक दी है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राधिकरण ने राजधानी को हरा भरा और पर्यावरण अनुकूल बनाने के अपने दीर्घकालिक विजन का शानदार प्रदर्शन किया। एमडीडीए ने सहस्त्रधारा रोड, रायपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित नालापानी रोड के समीप नदी किनारे खाली पड़ी भूमि पर 300 पौधों का रोपण कर एक बड़े महाअभियान का शंखनाद किया।
सिर्फ कंक्रीट नहीं, हरियाली पर है एमडीडीए का फोकस
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एमडीडीए अब केवल भवन निर्माण और शहरी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी के पर्यावरणीय संतुलन की रीढ़ बन रहा है। शहर के विभिन्न हिस्सों में नए हरित पार्क, ग्रीन बेल्ट और प्रमुख सड़कों के डिवाइडरों पर सजावटी पौधे लगाए जा रहे हैं। ये प्रयास न केवल दून की सुंदरता को चार चांद लगा रहे हैं, बल्कि बढ़ते प्रदूषण पर लगाम कसने में भी मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। दून की जनता भी एमडीडीए की इस आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल पहल की जमकर सराहना कर रही है।
भविष्य में शानदार हरित पार्क बनेगा पौधारोपण स्थल: एमडीडीए वीसी बंशीधर तिवारी
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एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण एक दिन का इवेंट नहीं, बल्कि सतत अभियान है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना काफी नहीं है, जब तक वे घने वृक्ष न बन जाएं, उनका संरक्षण अनिवार्य है। बंशीधर तिवारी ने घोषणा की कि जिस स्थल पर ये 300 पौधे (फलदार, छायादार और औषधीय) रोपे गए हैं, उसे भविष्य में एक सर्वसुविधायुक्त हरित पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपने आसपास कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का जोरदार आह्वान किया।
गढ़वाल ग्रीनर्स और जनता का मिला अभूतपूर्व साथ
इस महाअभियान में एमडीडीए के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ 127 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) गढ़वाल राइफल्स के जवानों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। ‘गढ़वाल ग्रीनर्स’ के नाम से मशहूर इन जवानों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर पौधों की सुरक्षा का संकल्प लिया।

जनभागीदारी के बिना संभव नहीं संरक्षण
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एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण पौधारोपण के साथ साथ उनके रखरखाव की भी ठोस व्यवस्था कर रहा है। आने वाले समय में दून घाटी के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने के लिए कई और बड़ी हरित परियोजनाएं जमीन पर उतारी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दून को स्वच्छ और हरित विकास का मॉडल बनाने का यह अभियान बिना जनभागीदारी के अधूरा है।
तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच एमडीडीए का यह कदम यह साबित करता है कि विकास और पर्यावरण दोनों को साथ लेकर दून के सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव रखी जा रही है।
