ग्राम अस्तौली में विकास कार्यों का निरीक्षण, टोरिफाइड चारकोल परियोजना को लेकर ग्रामीणों से संवाद

Rashtriya Shikhar
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Inspection of development works in Astoli village and interaction with villagers regarding the torrefied charcoal project. IMAGE CREDIT TO प्राधिकरण फाइल फोटो

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के प्रधान महाप्रबंधक (परियोजना) संदीप चन्द्रा ने बुधवार को वर्क सर्किल-8 के अधिकारियों के साथ ग्राम अस्तौली का भ्रमण कर वहां की आधारभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क, नाली, सीवर, जलापूर्ति सहित अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया गया। इसके बाद ग्रामीणों के साथ बैठक कर ग्राम में विकास एवं अनुरक्षण कार्यों से जुड़ी समस्याओं तथा आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

ग्राम अस्तौली में विकास कार्यों और समस्याओं की समीक्षा

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बैठक में ग्राम अस्तौली की भूमि पर एनटीपीसी विद्युत निगम द्वारा विकसित की जा रही 900 टीपीडी क्षमता की निर्माणाधीन टोरिफाइड चारकोल परियोजना के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान वरिष्ठ प्रबंधक नागेन्द्र सिंह, पर्यावरण अभियंता आर.के. ओझा, केपीएमजी के सलाहकार, अरुण भाटी, पहलवान, धनपाल भाटी, प्रेमी तथा कुलदीप भाटी सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने बैठक में क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं और आवश्यकताओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर विस्तार से चर्चा की गई।

टोरिफाइड चारकोल परियोजना पर ग्रामीणों से संवाद

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ग्राम में संवाद कार्यक्रम के उपरांत प्रधान महाप्रबंधक निर्माणाधीन टोरिफाइड चारकोल प्लांट परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं और आशंकाओं को सुना। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि परियोजना का विकास अंतरराष्ट्रीय मानकों एवं पर्यावरणीय प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्लांट का निर्माण कार्य प्रारंभ होने की तिथि से लगभग छह माह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

पर्यावरण सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था पर जोर

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प्रधान महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि प्लांट में आने वाले कचरे के परिवहन के लिए उपयोग की जाने वाली प्रत्येक गाड़ी पूरी तरह ढकी हुई होगी। प्लांट परिसर में प्रवेश के बाद कचरे का उपचार एक बंद हॉल के भीतर आधुनिक तकनीक से किया जाएगा, जिससे किसी प्रकार की दुर्गंध या हानिकारक गैस का उत्सर्जन नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि परियोजना के संचालन में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

बैठक में एनटीपीसी विद्युत निगम के अधिकारियों और उनकी कार्यदायी संस्था मैकाबर बीके प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परियोजना की तकनीकी विशेषताओं और संभावित लाभों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों की शंकाओं का समाधान किया।

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