पश्चिम बंगाल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी

Rashtriya Shikhar
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Preparations Underway to Install a 125-Foot Tall Statue of Dr. Syama Prasad Mukherjee in West Bengal – IMAGE CREDIT TO भाजपा

नई दिल्ली (शिखर समाचार)। पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपने वैचारिक आधार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी की है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जनसंघ के संस्थापक एवं प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति में कोलकाता में 125 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। साथ ही पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस को 20 जून के रूप में मनाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फीट प्रतिमा का प्रस्ताव

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भाजपा का मानना है कि पश्चिम बंगाल केवल एक राज्य नहीं, बल्कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि और कर्मभूमि भी है। ऐसे में उनकी विरासत को स्थायी रूप से संरक्षित और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए यह पहल की जा रही है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात के केवड़िया में सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराया गया, उसी प्रकार कोलकाता में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भव्य प्रतिमा स्थापित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।

बंगाल दिवस को 20 जून के रूप में मनाने की योजना

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सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं कोलकाता जाकर इस परियोजना का शिलान्यास कर सकते हैं। यदि 20 जून को प्रस्तावित बंगाल दिवस समारोह में उनकी उपस्थिति संभव नहीं हो पाती है, तो प्रतिमा शिलान्यास कार्यक्रम में उनके शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

भाजपा का दावा है कि वर्ष 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 20 जून को बंगाल स्थापना दिवस के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, बाद की सरकारों ने इस प्रस्ताव को लागू नहीं किया। पार्टी का कहना है कि अब उनकी सरकार बनने के बाद इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को सम्मान देते हुए 20 जून को पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

वैचारिक पहचान को मजबूत करने की रणनीति

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भाजपा इस पहल को केवल स्मारक निर्माण तक सीमित नहीं मानती, बल्कि इसे बंगाल की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राष्ट्रवादी चेतना से जोड़कर देख रही है। पार्टी के अनुसार, डॉ. मुखर्जी के विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विकास योजनाओं के साथ-साथ भाजपा अपनी वैचारिक पहचान को सुदृढ़ करने की रणनीति पर भी काम कर रही है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रस्तावित प्रतिमा और 20 जून को बंगाल दिवस मनाने की पहल को इसी व्यापक राजनीतिक एवं वैचारिक दृष्टिकोण का हिस्सा माना जा रहा है।

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