नई दिल्ली (शिखर समाचार)। केंद्रीय विद्यालय सेक्टर- 8, आर.के. पुरम, नई दिल्ली की छात्रा अनुष्का गौतम ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रतिष्ठित युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (युविका) 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दिल्ली का नाम रोशन किया है। अनुष्का ने दिल्ली से चयनित विद्यार्थियों में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
युविका कार्यक्रम और प्रशिक्षण का उद्देश्य
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युविका (यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम) इसरो की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में कम आयु से ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना है। ‘कैच देम यंग’ की अवधारणा पर आधारित यह पूर्णतः वित्तपोषित दो सप्ताह का आवासीय कार्यक्रम देशभर के मेधावी विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से परिचित कराता है।
अनुष्का गौतम ने जोधपुर स्थित रीजनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (आरआरएससी) वेस्ट, इसरो में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्हें रॉकेट प्रणोदन, एरोनॉटिक्स, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अन्य वैज्ञानिक विषयों का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों ने रोवर, लैंडर और रॉकेट के मॉडल भी तैयार किए।
मॉडल रॉकेट लॉन्च और खगोल अवलोकन
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कार्यक्रम के दौरान अनुष्का द्वारा निर्मित मॉडल रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया गया, जो लगभग 10 मीटर ऊंचाई तक पहुंचा और करीब 300 मीटर दूरी तय करने में सफल रहा। इसके अलावा उन्होंने खगोल अवलोकन सत्र में उर्सा मेजर, बी हाइव जैसे तारामंडलों की पहचान की तथा दूरबीन से बृहस्पति और शुक्र ग्रह का अवलोकन किया।
युविका कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित जियोस्पेशियल चैलेंजेस प्रतियोगिता में अनुष्का को उनकी टीम का नेतृत्व सौंपा गया। उनके नेतृत्व में टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी क्विज़ में भी विजेता बनकर दोहरी उपलब्धि हासिल की।
उपलब्धि पर प्रतिक्रिया और आभार
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अनुष्का ने कहा कि इसरो केंद्र में प्रशिक्षण उनके लिए सपने के साकार होने जैसा था और इस अनुभव ने उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों, विद्यालय प्रशासन और केवी दिल्ली क्षेत्र के अधिकारियों को दिया।
उनकी यह उपलब्धि न केवल विद्यालय और परिवार के लिए गौरव का विषय है, बल्कि विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में करियर बनाने वाले अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है।
