ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद गौतमबुद्धनगर में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस व्यापक स्तर पर मनाया गया। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य इकाइयों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों, विशेषकर युवाओं को तम्बाकू और निकोटीन उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
थीम और उद्देश्य पर जोर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेन्द्र कुमार ने बताया कि इस वर्ष विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की थीम “आकर्षण का पर्दाफाश : निकोटीन और तम्बाकू की लत से मुकाबला” रखी गई है। इसका उद्देश्य तम्बाकू उद्योगों द्वारा युवाओं को आकर्षित करने के लिए अपनाई जा रही भ्रामक विपणन रणनीतियों को उजागर करना और समाज को इनके दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभ्रा मित्तल ने कहा कि तम्बाकू सेवन से फेफड़ों का कैंसर, मुख कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान के तुरंत बाद ही हृदय गति और रक्तचाप प्रभावित होने लगता है, जबकि लंबे समय तक सेवन से सीओपीडी, एम्फीसेमा और क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
युवाओं को आकर्षित करने वाली रणनीतियों पर चेतावनी
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जनपद सलाहकार डॉ. श्वेता खुराना ने बताया कि तम्बाकू उद्योग रंग-बिरंगी पैकेजिंग, फ्लेवरयुक्त ई-सिगरेट, निकोटीन पाउच और वेप्स के माध्यम से युवाओं को आकर्षित करने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और फिल्मों के जरिए भी इसे गलत रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे युवाओं को सावधान रहना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा कोटपा अधिनियम-2003 की धारा-6 का सख्ती से पालन कराया जाएगा, जिसके तहत किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है।
जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम
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इस अवसर पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दादरी क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में पोस्टर प्रतियोगिता, रंगोली, नुक्कड़ नाटक, गोष्ठी, शपथ ग्रहण और हस्ताक्षर अभियान आयोजित किए गए। कई शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों ने तम्बाकू मुक्त समाज का संकल्प लिया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला संयुक्त चिकित्सालय और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी विशेष अभियान चलाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेन्द्र कुमार ने बताया कि तम्बाकू, गुटखा, सिगरेट और अन्य उत्पादों से दूरी बनाकर ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने बताया कि जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ द्वारा संचालित केंद्रों पर तम्बाकू उन्मूलन हेतु निःशुल्क परामर्श एवं उपचार सेवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने नागरिकों से तम्बाकू मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
