बिजनौर (शिखर समाचार)। सोशल मीडिया पर एक चिकित्सक द्वारा कथित रूप से रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित चिकित्सक को पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया है।
वायरल वीडियो के बाद प्रशासन में हड़कंप
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा था। वायरल वीडियो में समीपुर चिकित्सालय नजीबाबाद के चिकित्सक तथा अफजलगढ़ विकास खंड में झोलाछाप चिकित्सकों के प्रभारी डॉ. प्रमोद देशवाल कथित रूप से एक युवक से पांच हजार रुपये लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के आदेश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉ. प्रमोद देशवाल से झोलाछाप चिकित्सकों की निगरानी संबंधी प्रभार वापस ले लिया। इसके साथ ही प्रशासनिक आधार पर उनका स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अफजलगढ़ कर दिया गया है।
उच्चस्तरीय जांच समिति गठित
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/
जिलाधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए अपर जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी की संयुक्त जांच समिति गठित की गई है। यह समिति वायरल वीडियो तथा उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान में यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने पर आम लोगों ने संतोष व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है।
