खतौली/मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)। प्रदेश में संचालित 102 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर जीवनरक्षक साबित हुई। एंबुलेंस के भीतर सुरक्षित प्रसव होने के बाद नवजात शिशु की किलकारी से पूरा माहौल खुशियों से भर गया।
गांव पलड़ी से अस्पताल ले जाते समय बढ़ी प्रसव पीड़ा
खतौली क्षेत्र के गांव पलड़ी निवासी भुवनेश्री (21) पत्नी गौरव को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द बढ़ने पर परिजनों ने तत्काल 102 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही महिला ईएमटी प्रियंका और पायलट अतुल मौके पर पहुंचे तथा महिला को अस्पताल ले जाने लगे।
रास्ते में प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट अतुल ने एंबुलेंस को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रोक दिया। इसके बाद महिला ईएमटी प्रियंका ने बिना समय गंवाए डिलीवरी किट की मदद से एंबुलेंस के भीतर ही प्रसव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते महिला ने स्वस्थ नवजात शिशु को जन्म दिया।
जच्चा-बच्चा स्वस्थ, अस्पताल में भर्ती
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प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए। प्राथमिक देखभाल देने के बाद उन्हें आगे के उपचार और निगरानी के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों ने सुरक्षित प्रसव कराकर मां और बच्चे की जान बचाने के लिए 102 एंबुलेंस सेवा की सराहना की। उन्होंने महिला ईएमटी प्रियंका और पायलट अतुल की तत्परता, समझदारी और सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि समय पर मिली सरकारी एंबुलेंस सेवा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं रही।
102 एंबुलेंस सेवा लगातार जरूरतमंदों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही है, जिससे आम लोगों का भरोसा इस सेवा पर लगातार मजबूत हो रहा है।
