गाजियाबाद (शिखर समाचार)। थाना साइबर सेल पुलिस ने जनसेवा केंद्र की आड़ में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो अभियुक्त दीपक कुमार और विकास कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 4 मोबाइल, 2 लैपटॉप और 42 फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
जनसेवा केंद्र की आड़ में चल रहा था फर्जीवाड़ा
पुलिस के अनुसार आरोपी पंचवटी इलाके में जनसेवा केंद्र की आड़ में फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करने का अवैध काम कर रहे थे। इसके साथ ही वे फर्जी क्यूआर कोड भी जनरेट करते थे।
एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पैसे लेकर फर्जी दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, एलपीजी गैस कनेक्शन और सेवानिवृत्त सैनिकों के पेंशन फॉर्म तैयार किए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पोस्ट ऑफिस कर्मचारी की भूमिका पर जांच
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पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में पोस्ट ऑफिस में काम करने वाली एक कर्मचारी काजल की भूमिका भी संदिग्ध है। आरोप है कि वह फर्जी आधार कार्ड बनाने में मदद करती थी और प्रति कार्ड 250 रुपये लेती थी। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे “बालाजी जनसेवा केंद्र” के नाम से संचालित केंद्र चलाते थे और 3500 से 4000 रुपये लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। पुलिस के अनुसार पूरे मामले की गहन जांच जारी है और अन्य संभावित सहयोगियों की भी तलाश की जा रही है।
