गाज़ियाबाद की बेटी ने रचा इतिहास: बिना कोचिंग साहिबाबाद की स्नेहा मंडल बनीं वर्ग-1 राजपत्रित अधिकारी, पहले ही प्रयास में यूपीएससी क्रैक

Rashtriya Shikhar
6 Min Read
“Ghaziabad’s daughter creates history: Sahibabad’s Sneha Mandal became a Class-1 Gazetted Officer without coaching, cracking the UPSC in her very first attempt.” IMAGE CREDIT TO स्नेहा मंडल

गाजियाबाद/साहिबाबाद (शिखर समाचार)।
कहा जाता है कि राहें कितनी भी मुश्किल क्यों न हों, अगर हौसले बुलंद हों और खुद पर भरोसा हो, तो कामयाबी कदम चूमती है। इस बात को सच कर दिखाया है साहिबाबाद के लाजपत नगर की रहने वाली स्नेहा मंडल ने। स्नेहा ने संघ लोक सेवा आयोग की इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2024 में शानदार सफलता हासिल करते हुए ग्रुप ‘ए’ राजपत्रित अधिकारी (क्लास-वन गैजेटेड ऑफिसर) बनने का अपना बचपन का सपना पूरा कर लिया है। उनका चयन सहायक कार्यकारी अभियंता (AEE – इलेक्ट्रिकल) के पद पर हुआ है।

शुरुआत से ही मेधावी रही हैं स्नेहा

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-indirapuram-woman-death-family-halts-last-rites-demands-probe-40199229.html

स्नेहा की प्रारंभिक शिक्षा साहिबाबाद के डीएवी पब्लिक स्कूल से हुई। वह शुरुआत से ही पढ़ाई-लिखाई में अव्वल रहीं। उन्होंने दसवीं कक्षा में परफेक्ट 10 सीजीपीए और 10+2 (बारहवीं) में 95.6 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। स्कूल के दिनों में वे पढ़ाई के साथ-साथ सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में भी आगे रहीं और स्कूल की सांस्कृतिक सचिव के रूप में नेतृत्व और संगठनात्मक क्षमताओं को विकसित किया। इसके बाद उन्होंने आईआईटी-जेईई मेन्स की परीक्षा पास की और दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्रथम श्रेणी और विशिष्टता (Distinction) के साथ हासिल की।

​बिजनेस के टर्निंग पॉइंट से बदला जीवन

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/

​बी.टेक पूरा करने के बाद स्नेहा ने दो साल तक हस्तनिर्मित उपहारों (हैंडक्राफ्टेड गिफ्ट्स) का एक छोटा व्यवसाय चलाया। हालांकि यह क्षेत्र उनकी पढ़ाई से अलग था, लेकिन स्नेहा का मानना है कि इस अनुभव ने उनके जीवन को बदल दिया। बिजनेस के दौरान उन्होंने प्रबंधन, विभिन्न प्रकार के लोगों से व्यवहार करना और विपरीत परिस्थितियों में भी शांत और संयमित रहकर चुनौतियों का सामना करना सीखा।

​”दूर से चीजें अक्सर ज्यादा डरावनी लगती हैं, लेकिन जब आप उन पर काम करना शुरू कर देते हैं, तो वे आसान हो जाती हैं। कड़ी मेहनत, जुनून, दृढ़ता और चुनौतियों का सामना करने की इच्छा हमेशा सुखद परिणाम देती है।”
— स्नेहा मंडल, नवनियुक्त एईई

पिता की प्रेरणा और एक कड़ा फैसला

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presencehttps://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/

स्नेहा के पिता खुद एक राजपत्रित अधिकारी हैं, जिन्हें देखकर बचपन से ही स्नेहा के मन में भी क्लास-वन ऑफिसर बनने का सपना पलता रहा। साल 2023 में जब उनका बिजनेस उम्मीद के मुताबिक नहीं चल रहा था, तब उनके पिता ने उन्हें जीवन की दिशा तय करने के लिए एक स्पष्ट विकल्प दिया या तो बिजनेस को पूरी ताकत से आगे बढ़ाएं, या अपने सपने (अधिकारी बनने) के लिए समर्पित हो जाएं, या फिर शादी कर लें। स्नेहा ने उस उम्र में शादी के बजाय अपने करियर को चुना और बिजनेस बंद कर पूरी तरह तैयारी में जुटने का एक कठिन लेकिन ऐतिहासिक फैसला लिया।

बिना कोचिंग, सेल्फ स्टडी से पाई कामयाबी

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/prasoon-joshi-appointed-chairman/

स्नेहा ने किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने पूरी तरह किताबों, internet और यूट्यूब जैसे ऑनलाइन संसाधनों पर भरोसा करते हुए सेल्फ स्टडी की। एक साल की कड़ी मेहनत, निरंतरता और आत्म-विश्लेषण के दम पर उन्होंने गेट (GATE) 2024 की परीक्षा बेहतरीन अंकों के साथ पास की। इसी साल उन्होंने यूपीएससी ईएसई 2024 के प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू के चरणों को पार किया।

ईएसई का अंतिम परिणाम आने से पहले ही उनकी प्रतिभा के दम पर उन्हें गेट 2024 के जरिए देश की तीन बड़ी प्रतिष्ठित कंपनियों सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (CTUIL), कोल इंडिया लिमिटेड और एनटीपीसी (NTPC) से नौकरी के प्रस्ताव मिल गए। साल 2025 में उन्होंने पावरग्रिड की सहायक कंपनी सीटीयूआईएल (CTUIL) के प्लानिंग विभाग में बतौर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर जॉइन कर लिया।

असफलता से नहीं हारीं हिम्मत, ऐसे मिला हक

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/woman-arrested-killing-her-live-in-partner/

नौकरी के साथ भी स्नेहा की पढ़ाई जारी रही। उन्होंने यूपीएससी ईएसई 2025 की परीक्षा दी, जिसमें प्रीलिम्स और मेंस क्लियर करने के बाद वे इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम मेरिट लिस्ट में बहुत मामूली अंतर से चूक गईं। इसी दौरान उन्होंने दोबारा गेट 2025 की परीक्षा भी अच्छे अंकों से पास की।

लेकिन कहते हैं कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। जनवरी 2026 में जब यूपीएससी ईएसई 2024 की बैकलाग सूची के परिणाम घोषित हुए, तो स्नेहा का सपना सच हो गया। उनका चयन सहायक कार्यकारी अभियंता के पद पर हो चुका था। यह उनके और उनके परिवार के लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण था, जिसने रातों की नींद, तनाव और संघर्ष को एक झटके में बड़ी कामयाबी में बदल दिया।

माता-पिता और गुरुओं को दिया सफलता का श्रेय

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/humorous-poetry-recitation-by-shambhu-shekhar/

अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर स्नेहा ने अपनी मां को धन्यवाद दिया, जिन्होंने हर मोड़ पर उन्हें प्रेरित किया और उनके भीतर सफल होने की आग को कभी बुझने नहीं दिया। इसके साथ ही उन्होंने अपने पिता के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस सपने की नींव रखी और सही राह दिखाई। स्नेहा ने अपने सभी शिक्षकों और मार्गदर्शकों का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उन्हें इस मुकाम के काबिल बनाया। साहिबाबाद की बेटी की इस कामयाबी से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।

Share This Article
Leave a comment