नोएडा (शिखर समाचार)। नोएडा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत शुक्रवार को सेक्टर 8 स्थित मेसर्स केआईसी फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (क्लाउड किचन) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कंपनी में पर्यावरण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कई गंभीर उल्लंघन सामने आए, जिसके चलते प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आर्थिक दंड लगाया।
निरीक्षण में मिलीं कई बड़ी खामियां
ईटीपी और अपशिष्ट प्रबंधन में गंभीर लापरवाही
जांच टीम को मौके पर अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (ईटीपी) पूरी तरह से बंद मिला। इसके अलावा तेल एवं ग्रीस अवरोधक, नलिका अवसादन संयंत्र और प्रवाह मापक यंत्र भी काम नहीं कर रहे थे या लगाए ही नहीं गए थे। कीचड़ प्रबंधन और रासायनिक मात्रा निर्धारण में भी मानकों की अनदेखी पाई गई, जबकि जरूरी दैनिक अभिलेख रजिस्टर तक उपलब्ध नहीं था।
नोएडा क्षेत्र में एकल उपयोग प्लास्टिक पूरी तरह प्रतिबंधित होने के बावजूद फैक्ट्री में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा था। कार्रवाई के दौरान करीब 30 किलोग्राम प्लास्टिक जब्त किया गया। साथ ही ठोस अपशिष्ट के पृथक्करण और भंडारण में भी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।
नियमों की अवहेलना पर 2 लाख का जुर्माना
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इन सभी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कंपनी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में नियमों का पूर्ण पालन नहीं किया गया, तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद सेक्टर 55 स्थित एक होटल में भी जैविक अपशिष्ट परिवर्तक मशीन और अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (ईटीपी) की जांच की गई। इस दौरान पर्यावरण प्रकोष्ठ और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रशासन सख्त, नियमों से समझौता नहीं
प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि पर्यावरण और स्वच्छता से जुड़े नियमों के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।
