ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अपनी 25 वर्ष की विकास यात्रा में खुद को एक मजबूत इंडस्ट्रियल अथॉरिटी के रूप में स्थापित कर लिया है। प्राधिकरण ने औद्योगिक निवेश को प्राथमिकता देते हुए अब तक 3100 से अधिक कंपनियों को जमीन आवंटित की है, जिनमें से 38 कंपनियों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। चालू वित्तीय वर्ष में करीब 400 नई कंपनियों के संचालन की तैयारी चल रही है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है।
25 वर्षों की उपलब्धियां और मास्टर प्लान
25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित प्रेसवार्ता में सीईओ आरके सिंह ने प्राधिकरण की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2041 तक के विकास को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसमें फेज-1 का क्षेत्रफल 769 वर्ग किलोमीटर है। वहीं फेज 2 में अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जनपदों को शामिल किया गया है। टप्पल, बाजना, राया, हाथरस और आगरा में बड़े अर्बन सेंटर विकसित किए जा रहे हैं।
कनेक्टिविटी और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा
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कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे को ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए बन रहा इंटरचेंज जुलाई तक शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड, पूर्वांचल, दिल्ली-मुंबई और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।
औद्योगिक निवेश के मोर्चे पर अब तक 3116 औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिससे लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश और करीब 4 लाख लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
स्मार्ट विलेज और आधुनिक शहर की दिशा में कदम
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ग्रामीण विकास के तहत ‘स्मार्ट विलेज’ योजना भी तेजी से लागू की जा रही है। पहले चरण में 29 गांवों को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करने की योजना है, जिनमें से 12 गांवों का कार्य पूरा हो चुका है और 7 गांवों में काम जारी है।
साथ ही शिक्षा, कौशल विकास और बिजली ढांचे को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सेक्टर 33 में कौशल विकास केंद्र की स्थापना के लिए भूमि आवंटित की गई है, जहां टाटा द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है।
यमुना सिटी में आवासीय, संस्थागत, वाणिज्यिक और औद्योगिक भूखंडों का बड़े पैमाने पर आवंटन किया जा चुका है, जिससे यह क्षेत्र तेजी से एक आधुनिक और आत्मनिर्भर शहर के रूप में उभर रहा है।
