बिजनौर (शिखर समाचार)।
जनपद में प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे के रूट में संशोधन की मांग को लेकर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के पदाधिकारियों और किसानों ने जिलाधिकारी जसजीत कौर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा है। रालोद किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों और बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एक्सप्रेसवे के वर्तमान प्रस्तावित मार्ग पर पुनर्विचार करने की पुरजोर मांग की।
एक्सप्रेसवे रूट पर किसानों की चिंता
ज्ञापन में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे का सर्वे वर्तमान में तहसील बिजनौर के कई गांवों—पैदा, मिर्जापुर पूरण, मोहम्मदपुर नौआबाद, इस्माइलपुर नंगली, चौंकपुरी, नसीरी, कछपुरा, नयागांव, अलीपुर माखन, गजरौला अचपल आदि से होकर किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि इन क्षेत्रों से पहले ही मेरठ-पौड़ी राजमार्ग और बिजनौर-नगीना बाईपास जैसे कई प्रमुख मार्ग गुजर रहे हैं, जिसके कारण उनकी काफी जमीन पहले ही अधिग्रहित हो चुकी है। यदि अब गंगा एक्सप्रेसवे भी इन्हीं उपजाऊ क्षेत्रों से निकाला गया, तो हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि नष्ट हो जाएगी, जिससे सीमांत किसानों की आजीविका पर संकट गहरा जाएगा और बड़ी संख्या में किसान भूमिहीन हो सकते हैं।
वैकल्पिक रूट और प्रशासन से मांग
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किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि एक्सप्रेसवे को उपजाऊ खेतों से निकालने के बजाय गंगा नदी के किनारे-किनारे बनाया जाए, जहां पर्याप्त मात्रा में सरकारी और बंजर भूमि उपलब्ध है। इसके साथ ही, उन्होंने प्रस्तावित रूट को दारानगर गंज, जहानाबाद, बालावाली और नांगल सोती होते हुए हरिद्वार से जोड़ने का व्यावहारिक सुझाव भी दिया है। इस दौरान ग्राम प्रधान झलरा, झलरी नसीरी, पैदा, फिरोजपुर मुबारक सहित विवेक कुमार (अधिवक्ता), ब्रजवीर सिंह आर्य, कपिल कुमार और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
