बिजनौर (शिखर समाचार)। बिजनौर पुलिस की अपराध शाखा ने फर्जी जीएसटी फर्मों के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी दिल्ली और गाजियाबाद के निवासी हैं, जिन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
फर्जी जीएसटी रिटर्न से करोड़ों की टैक्स चोरी
पुलिस के अनुसार यह पूरा फर्जीवाड़ा बिना किसी वास्तविक व्यापार के जीएसटी पोर्टल पर फर्जी रिटर्न दाखिल कर किया जा रहा था। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान प्रवेश वर्मा निवासी बी-7/1, बी ब्लॉक, राम विहार, जीवनपुर, पूर्वी दिल्ली तथा अमित कुमार सिंघल निवासी 29, नवयुग मार्केट, गाजियाबाद के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों ने कागजों पर फर्जी फर्में तैयार कर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाते हुए सरकार को भारी राजस्व हानि पहुंचाई।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच, तकनीकी साक्ष्यों से खुलासा
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मामले का खुलासा 12 दिसंबर 2025 को हुआ, जब राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त अभिनव सोनी ने टैक्स चोरी के उद्देश्य से किए जा रहे इस फर्जीवाड़े के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। शिकायत में बताया गया था कि कुछ लोग जीएसटी पोर्टल का दुरुपयोग करते हुए बिना किसी वास्तविक लेनदेन के फर्जी रिटर्न दाखिल कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अपराध शाखा के इंस्पेक्टर फूलचंद को सौंपी गई। सघन जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
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जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने सुनियोजित साजिश के तहत कई फर्जी कंपनियां बनाईं और फर्जी बिलों के माध्यम से आईटीसी का अवैध लाभ उठाया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इनके द्वारा बनाई गई फर्जी फर्मों की जांच में जुटी है, ताकि पूरे घोटाले की वास्तविक रकम और नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
