आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
शहर के नियोजित विकास और आधुनिक आवासीय सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने अपनी कवायद तेज कर दी है। सोमवार को प्राधिकरण कार्यालय में राज्य सरकार की इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति (2005/2014 एवं अद्यतन प्राविधान) के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकासकर्ताओं (डेवलपर्स) द्वारा प्रस्तुत की गई संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का गहनता से प्रस्तुतीकरण किया गया।
नीति के अनुरूप होगा विकास
बैठक की अध्यक्षता कर रहे उपाध्यक्ष ने विकासकर्ताओं द्वारा पेश किए गए ब्लूप्रिंट का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान डेवलपर्स ने अपनी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रस्तावित संशोधनों और शासन की नीति के तहत किए जाने वाले विकास कार्यों का पूरा विवरण साझा किया। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समस्त प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशों के दायरे में ही होनी चाहिए।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
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परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उपाध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए हैं कि:
- समयबद्धता: सभी परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं।
- गुणवत्ता: निर्माण कार्य और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता मानक के अनुरूप हो।
- पारदर्शिता: आवंटियों और आम जनता के प्रति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए।
आमजन को मिलेगी बेहतर सुविधाएं
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संशोधित डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद संबंधित क्षेत्रों के विकास में तेजी आने की उम्मीद है। प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन टाउनशिप में रहने वाले नागरिकों को विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण का प्रयास है कि सभी विकास कार्य नियमानुसार और प्राथमिकता के आधार पर हों, ताकि जनहित को अधिकतम लाभ मिल सके।
बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि संशोधित रिपोर्ट के आधार पर फाइलों को शीघ्र गति प्रदान की जाएगी, जिससे धरातल पर काम जल्द शुरू हो सके और गाजियाबाद के शहरी ढांचे को नई मजबूती मिले।
