बिजनौर (शिखर समाचार)। नगीना थाना क्षेत्र में 5 मार्च को शिवालय हेल्थ केयर के संचालक डॉ. राजकुमार की दिनदहाड़े हुई हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की साजिश मृतक के ही पूर्व पार्टनर डॉ. नीरज कुमार ने रची थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
साझेदारी टूटने के बाद बढ़ी रंजिश
पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि डॉ. राजकुमार और डॉ. नीरज कुमार वर्ष 2018 से गाजियाबाद में एक साथ काम कर रहे थे। वर्ष 2022 में दोनों ने मिलकर सुमित्रा हॉस्पिटल की स्थापना की थी। कुछ समय बाद अस्पताल पर कर्ज बढ़ने लगा और दोनों के बीच आर्थिक मामलों को लेकर विवाद शुरू हो गया।
विवाद बढ़ने के बाद वर्ष 2024 में डॉ. राजकुमार ने साझेदारी खत्म कर दी और नगीना-धामपुर मार्ग पर शिवालय हेल्थ केयर नाम से अपना नया अस्पताल शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार अलग होने के बाद डॉ. राजकुमार का अस्पताल अच्छा चलने लगा, जिससे डॉ. नीरज कुमार के मन में रंजिश पैदा हो गई और उसने अपने पूर्व पार्टनर को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
10 लाख की सुपारी देकर कराई हत्या
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एसपी ने बताया कि डॉ. नीरज ने अपने ड्राइवर विकास उर्फ छोटू को डॉ. राजकुमार की हत्या की जिम्मेदारी दी और इसके लिए 10 लाख रुपये की सुपारी तय की। हत्या के लिए हथियार मधी निवासी आर्यन उर्फ राजन से खरीदे गए थे।
योजना के तहत 5 मार्च को आरोपी पैथोलॉजी रिपोर्ट दिखाने के बहाने अस्पताल में पहुंचे और मौका मिलते ही डॉ. राजकुमार पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सीसीटीवी और कॉल डिटेल से खुली साजिश
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घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा हो गया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी डॉ. नीरज कुमार, ड्राइवर विकास उर्फ छोटू और हथियार उपलब्ध कराने वाले आर्यन उर्फ राजन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा, 32 बोर की पिस्टल तथा सुपारी के तौर पर दिए गए दो लाख रुपये नकद भी बरामद कर लिए गए हैं। एसपी अभिषेक झा ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे की जांच भी कर रही है, ताकि इस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का भी पता लगाया जा सके।
