शामली (शिखर समाचार)
निलंबित वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी तथा नवगठित राजनीतिक दल राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (RAM) के संस्थापक अलंकार अग्निहोत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा को सनातन विरोधी, जन विरोधी और विकास विरोधी बताते हुए आगामी चुनाव में उसे सत्ता से उखाड़ फेंकने का दावा किया।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
शुक्रवार को शहर के शुक्ला गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा सरकार हिंदू मुस्लिम उन्माद फैलाकर समाज में ध्रुवीकरण करने का प्रयास कर रही है, लेकिन देश की जनता अब उसके बहकावे में आने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सनातन धर्म के देवी देवताओं का अपमान करने वाले लोगों के साथ खड़ी दिखाई दे रही है।
उन्होंने जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के खिलाफ चल रही कार्रवाई को भी सनातन धर्म पर प्रहार बताया। उनका कहना था कि जो लोग शंकराचार्य पर आरोप लगा रहे हैं, उनका स्वयं का आपराधिक इतिहास रहा है।
2026 को बताया निर्णायक वर्ष
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अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वर्ष 2026 सूर्य भगवान का वर्ष है और यह वर्ष देश के लिए निर्णायक साबित होगा। उन्होंने दावा किया कि देश के साथ गद्दारी करने वाले और जनहित से खिलवाड़ करने वाले लोगों को प्रकृति स्वयं दंड देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सवर्णों के साथ हो रहे कथित अत्याचार, अनुसूचित जाति जनजाति एक्ट के दुरुपयोग तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के कथित विभेदकारी प्रावधानों के विरोध में उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र देने का निर्णय लिया।
नए राजनीतिक दल ‘राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा’ का ऐलान
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प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (RAM) नाम से नए राजनीतिक दल के गठन की घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही इसके पंजीकरण के लिए निर्वाचन आयोग में आवेदन किया जाएगा। उनका दावा था कि देश की लगभग 70 करोड़ जनता और 40 करोड़ मतदाता उनके साथ हैं।
चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो समान विचारधारा वाली राजनीतिक पार्टियों के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरेंगे। अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के प्रतीकों में धनुष, बांसुरी और तीर शामिल हैं। उनके अनुसार धनुष और तीर भगवान श्रीराम के आदर्शों का प्रतीक हैं, जबकि बांसुरी भगवान श्रीकृष्ण के मार्गदर्शन और नीति का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम संविधान की मूल आत्मा और नागरिकों के मूल अधिकारों का प्रतीक हैं, जबकि भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी संविधान के नीति निर्देशक तत्वों को दर्शाती है।
आरोपों के जवाब के लिए मांगा एक माह का अतिरिक्त समय
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निलंबन के बाद अलंकार अग्निहोत्री को शामली कलेक्ट्रेट से संबद्ध किया गया था। जिला अधिकारी द्वारा उन्हें आरोप पत्र सौंपते हुए एक माह के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया था।
शुक्रवार को वह कलेक्ट्रेट पहुंचे और आरोपों का जवाब देने के लिए एक माह का अतिरिक्त समय देने की मांग की। उन्होंने बताया कि उनके अधिवक्ता बार एसोसिएशन के चुनाव में व्यस्त रहे और बीच में होली का अवकाश भी रहा, जिसके कारण आरोप पत्र का विस्तृत जवाब तैयार नहीं हो सका। इसलिए उन्होंने प्रशासन से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया है।
