गाजियाबाद (शिखर समाचार)
आईएमएस गाजियाबाद (विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम परिसर) में 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन अत्यंत सम्मानपूर्ण और उत्साह से परिपूर्ण वातावरण में किया गया, जहां देशभक्ति की भावना हर कोने में दिखाई दी। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की निदेशक प्रोफेसर (डॉक्टर) जसकिरण कौर द्वारा सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया गया, इसके उपरांत राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ। इस अवसर पर आईएमएस गाजियाबाद संस्थान समूह के महासचिव सीए (डॉक्टर) राकेश छारिया भी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान छात्र परिषद और सुरक्षा प्रकोष्ठ के विद्यार्थियों ने अनुशासित परेड प्रस्तुत की तथा सलामी दस्ते के माध्यम से राष्ट्रध्वज को सम्मान दिया। गणतंत्र दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए छात्र छात्राओं ने भारत का जिम्मेदार नागरिक बनने, भारतीय कानून के प्रति सम्मान रखने और अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहने की सामूहिक शपथ ली।
संविधान के मूल्यों से राष्ट्र निर्माण तक, गणतंत्र दिवस समारोह में उमड़ा देशभक्ति का ज्वार
अपने प्रेरक उद्बोधन में निदेशक प्रोफेसर (डॉक्टर) जसकिरण कौर ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान में निहित न्याय, समानता और स्वतंत्रता जैसे मूल आदसंविधान के मूल्यों से राष्ट्र निर्माण तक, गणतंत्र दिवस समारोह में उमड़ा देशभक्ति का ज्वारर्शों को अपने आचरण में उतारने की प्रेरणा देता है, युवा शक्ति ही राष्ट्र का भविष्य है और शिक्षा के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल अधिकारों के प्रति सजग रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक सोच से ही समाज और राष्ट्र नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। कार्यक्रम को और अधिक रंगारंग बनाने के लिए तिरंगे रंगों के गुब्बारों का प्रतीकात्मक विमोचन किया गया, इसके बाद विद्यार्थियों ने लोकनृत्य, देशभक्ति कविता पाठ, शास्त्रीय नृत्य, संगीत प्रस्तुतियां, प्रेरक भाषण, महिला सशक्तिकरण पर आधारित नृत्य तथा समूह गायन जैसी सांस्कृतिक झलकियां पेश कीं, जिन्हें देखकर उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया। अंत में आकस्मिक नृत्य, सामूहिक फोटोग्राफ और मिष्ठान वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन कपिल चौधरी, डॉक्टर मोनिल अरोड़ा, प्रोफेसर तृप्ति गोयल, डॉक्टर तनुश्री चटर्जी, प्रोफेसर अर्चना गुप्ता और प्रोफेसर सुधा चतुर्वेदी द्वारा किया गया। समूचे आयोजन में देशप्रेम, एकता और उत्साह का ऐसा अनुपम संगम देखने को मिला जिसने सभी को गर्व और प्रेरणा से भर दिया।

