नई दिल्ली (शिखर समाचार)
राजधानी स्थित भारत मंडपम में विश्व शांति के संकल्प के साथ आयोजित पूज्य मोरारी बापू की नौ दिनों तक चली रामकथा का आज भावपूर्ण और गरिमामय वातावरण में समापन हुआ। इस अवसर पर देश के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पत्नी सहित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने रामकथा को भारतीय सांस्कृतिक चेतना, नैतिक मूल्यों और समाज को जोड़ने वाली आध्यात्मिक धरोहर बताया।
रामकथा ने फैलाया विश्व शांति का संदेश, मोरारी बापू को अहिंसा विश्व भारती ने किया सम्मानित
समापन समारोह में अहिंसा विश्व भारती तथा विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश मुनि ने मोरारी बापू के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह रामकथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं रही, बल्कि विश्व शांति के विचार को जन जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनी है। उन्होंने कहा कि बापू की वाणी ने करुणा, अहिंसा और मानवता के मूल्यों को समाज में नई ऊर्जा दी है। इस दौरान अहिंसा विश्व भारती संस्था से जुड़े पदाधिकारियों ने भी मोरारी बापू का सम्मान कर कृतज्ञता व्यक्त की।
समापन कथा में मोरारी बापू ने कहा कि प्रभु राम का जीवन सनातन परंपरा का जीवंत आदर्श है। राम का चरित्र सत्य, मर्यादा, करुणा और सामाजिक समरसता का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि रामकथा केवल सुनने या भावविभोर होने का विषय नहीं, बल्कि उसे जीवन में अपनाने से ही व्यक्ति और समाज दोनों का कल्याण संभव है।
नौ दिन की रामकथा ने आधुनिक समाज में मानव मूल्यों और नैतिकता की राह दिखाई
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पूरे नौ दिनों तक चली इस कथा का मुख्य विषय मानस और सनातन धर्म रहा। रामचरितमानस के प्रसंगों के माध्यम से मोरारी बापू ने आधुनिक समाज की चुनौतियों, नैतिक गिरावट और मानवीय मूल्यों की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा जीवन को सही दिशा देने वाले शाश्वत सिद्धांतों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया।
कथा के समापन के बाद मोरारी बापू, रामनाथ कोविंद और आचार्य लोकेश मुनि ने संयुक्त रूप से मीडिया से संवाद किया। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के केंद्र में आध्यात्मिक चेतना स्थापित नहीं होगी, तब तक स्थायी शांति संभव नहीं है। उन्होंने विश्व शांति मिशन को निरंतर चलने वाला अभियान बताते हुए सभी वर्गों से इससे जुड़ने का आह्वान किया। भारत मंडपम में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह समापन केवल एक आयोजन का अंत नहीं रहा, बल्कि शांति, सद्भाव और सनातन मूल्यों के साथ आगे बढ़ने के संकल्प की नई शुरुआत बनकर उभरा।

