शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश, शिकायतकर्ता के साथ फोटो करना होगा अनिवार्य : जिलाधिकारी जसजीत कौर

Rashtriya Shikhar
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Instructions to improve the quality of complaint disposal, photo with complainant will be mandatory: District Magistrate Jasjit Kaur IMAGE CREDIT TO INFORMATION DEPARTMENT

बिजनौर (शिखर समाचार) जनसमस्याओं के समाधान को केवल कागजी प्रक्रिया न बनाकर जमीनी हकीकत से जोड़ने के उद्देश्य से जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनशिकायत निवारण प्रणाली पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण पूरी गंभीरता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी आवश्यकता महसूस हो, वहां संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थल निरीक्षण करें, शिकायतकर्ता से आमने सामने बातचीत करें और स्थिति की वास्तविक पड़ताल करें। निरीक्षण के दौरान शिकायतकर्ता के साथ फोटो खींचकर उसे निस्तारण रिपोर्ट के साथ संलग्न करना अनिवार्य किया गया है, ताकि यह प्रमाणित हो सके कि शिकायत का समाधान वास्तव में मौके पर जाकर किया गया है।

शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना निस्तारण नहीं, वास्तविक समाधान पर जोर

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जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि किसी भी शिकायत को तभी निस्तारित माना जाएगा, जब उस पर शिकायतकर्ता की संतुष्टि दर्ज हो। शासन के निर्देशों के अनुसार केवल फाइल बंद कर देना निस्तारण नहीं माना जाएगा, बल्कि समस्या के वास्तविक समाधान के बाद ही मामला समाप्त समझा जाएगा। यदि किसी प्रकरण में शिकायत का तत्काल समाधान संभव न हो और वह केवल मांग की श्रेणी में आती हो, तो उसे उसी श्रेणी में रखते हुए नियमानुसार आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनशिकायत निवारण प्रणाली से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कुछ विभागों की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। विशेष रूप से पंचायत राज और परिवहन कार्यालय से जुड़ी शिकायतों के मामलों में पाया गया कि कई बार न तो स्थल निरीक्षण किया गया और न ही शिकायतकर्ता से संतोषजनक प्रतिक्रिया ली गई। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनविश्वास के लिए जवाबदेही जरूरी, अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी निस्तारण का निर्देश

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उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस स्तर पर भी शिकायत के निस्तारण की गुणवत्ता प्रभावित होती पाई गई, उस स्तर के अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी शिकायत के समाधान के लिए स्थल निरीक्षण आवश्यक होने के बावजूद वह नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारी को भी जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि शासन आमजन की समस्याओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील है और जनविश्वास बनाए रखने के लिए हर शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी समाधान बेहद जरूरी है।

जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार आम लोगों की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसी उद्देश्य से जनशिकायत निवारण प्रणाली को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इसे केवल औपचारिक दायित्व न समझें, बल्कि सेवा भावना के साथ आमजन की समस्याओं का समाधान करें। इस समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शरद पाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और सभी को निर्देश दिए गए कि वे शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाएं।

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