गाजियाबाद (शिखर समाचार)
प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती इस बात को सच कर दिखाया है मात्र चार वर्ष के बालक कृषिव राय ने। अपनी विलक्षण स्मरण शक्ति, तीव्र एकाग्रता और अद्भुत पहचान क्षमता के बल पर कृषिव ने विश्वव्यापी अभिलेख पुस्तक में अपना नाम दर्ज कराते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
46 सेकंड में 40 देशों के ध्वज पहचानने वाला बच्चा बना स्टार: अद्भुत प्रतिभा से दिग्गज भी हैरान
कृषिव राय ने महज 46 सेकंड में 40 देशों के राष्ट्रीय ध्वजों की सही पहचान कर यह उपलब्धि हासिल की। इतनी कम उम्र में इतनी तेज़ पहचान और स्पष्ट ज्ञान क्षमता को विशेषज्ञ भी असाधारण मान रहे हैं। यह उपलब्धि न केवल बाल प्रतिभा का उदाहरण है, बल्कि अन्य बच्चों और अभिभावकों के लिए भी प्रेरणादायी संदेश देती है।
इस गौरवपूर्ण सफलता पर कृषिव की माता ऋतु राय और पिता परीक्षित अंकुर ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि कृषिव बचपन से ही जिज्ञासु स्वभाव का रहा है और नई जानकारियाँ सीखने में उसकी विशेष रुचि रहती है। घर में सकारात्मक वातावरण, नियमित अभ्यास और परिवार का निरंतर सहयोग उसकी प्रतिभा को निखारने में सहायक बना।
विश्व अभिलेख पुस्तक ने कृषिव राय को किया मान्यता प्राप्त रिकॉर्ड धारक: देश और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण
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विश्वव्यापी अभिलेख पुस्तक द्वारा कृषिव राय की इस असाधारण उपलब्धि को औपचारिक रूप से मान्यता देते हुए उसे रिकॉर्ड धारक घोषित किया गया। यह सम्मान न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र और देश के लिए गर्व का विषय बन गया है।
परिजनों के अनुसार आने वाले समय में कृषिव को अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार किया जा रहा है, ताकि वह आगे भी अपनी प्रतिभा से देश का नाम वैश्विक मंच पर रोशन कर सके। कृषिव राय की यह सफलता यह स्पष्ट करती है कि यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और उचित अवसर दिए जाएँ, तो वे बहुत कम उम्र में भी असाधारण मुकाम हासिल कर सकते हैं।
