अनुसूचित आयोग सदस्य ने वाल्मीकि बस्ती का दौरा कर सुनी सफाईकर्मियों की पीड़ा

Rashtriya Shikhar
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Scheduled Commission member visited Valmiki Basti and heard the pain of the sanitation workers IMAGE CREDIT TO NAGAR PALIKA

नगीना/बिजनौर (शिखर समाचार) अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य महिपाल सिंह वाल्मीकि ने शुक्रवार को नगीना पहुंचकर नगर क्षेत्र की मलिन वाल्मीकि बस्ती और नगर पालिका परिषद कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सफाई व्यवस्था, कर्मचारियों की स्थिति और बस्तीवासियों की समस्याओं को विस्तार से जाना तथा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।

पालिका दफ्तर में सख्त समीक्षा: सफाई व्यवस्था की हकीकत पर आयोग सदस्य ने अधिकारियों से की सीधी पड़ताल

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नगर पालिका परिषद कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान आयोग सदस्य ने न्यायिक उप जिलाधिकारी एवं कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी आशुतोष जायसवाल, सफाई निरीक्षक, कार्यवाहक प्रधान लिपिक इफ्तिखार जेदी, अभिलेख कक्ष प्रभारी मुनीर अहमद जेदी, पथ प्रकाश लिपिक संदीप वाल्मीकि, वार्ड सभासद कपिल पवार तथा सफाई नायकों धीरज कुमार, बिट्टू कुमार, अरविंद कुमार और सोनू कुमार से सफाई कर्मचारियों की तैनाती, कार्यप्रणाली और समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

इसी दौरान वाल्मीकि बस्ती निवासी बेरोजगार युवक गोविंदा वाल्मीकि ने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते हुए बताया कि वह तीन भाई हैं और तीनों विवाहित होने के बावजूद वर्षों से नगर पालिका में रोजगार से वंचित हैं। गोविंदा ने कहा कि बीते तीन वर्षों से वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिदिन ठेके पर नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही है, जबकि स्थानीय पात्र युवाओं के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।

परिवार की पीड़ा सुनकर पसीजा आयोग सदस्य का दिल, रोजगार दिलाने के दिए तत्काल निर्देश

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आयोग सदस्य ने गोविंदा की बात को गंभीरता से सुनते हुए पहले उनके परिवार की स्थिति के बारे में जानकारी ली और इसके बाद सफाई निरीक्षक को निर्देश दिए कि कम से कम एक भाई को रोजगार देने की संभावना पर शीघ्र विचार किया जाए।

इससे पूर्व आयोग सदस्य अधिशासी अधिकारी, सफाई नायकों और सफाई निरीक्षक के साथ मलिन वाल्मीकि बस्ती पहुंचे। वहां उन्होंने बस्ती की जर्जर सड़कों, साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया और वाल्मीकि समाज के लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और पीड़ा सुनी। आयोग सदस्य ने आश्वासन दिया कि बस्तीवासियों और सफाई कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को उच्च स्तर तक पहुंचाकर उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा।

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