वाराणसी (शिखर समाचार) विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने देशभर में विवेकानंद संदेश यात्रा शुरू करने की घोषणा की। यह यात्रा स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित की जा रही है। गोपाल राय ने साथ ही भारत सरकार से यह मांग भी की कि स्वामी विवेकानंद और वीर सावरकर को उनके योगदान के लिए मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।
गोपाल राय का दावा: स्वामी विवेकानंद को भारत रत्न देना राष्ट्रीय और नैतिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान गोपाल राय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपने विचारों, ओजस्वी भाषणों और आध्यात्मिक दृष्टि से पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति और हिन्दू धर्म की महानता से परिचित कराया। उन्होंने शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में दिया गया ऐतिहासिक भाषण आज भी देशवासियों के लिए गर्व का प्रतीक है। राय ने स्पष्ट किया कि ऐसे महान व्यक्तित्व को भारत रत्न देना केवल न्यायसंगत नहीं है, बल्कि राष्ट्र का नैतिक दायित्व भी है।
गोपाल राय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल संत नहीं थे, बल्कि वे युवाओं के प्रेरणास्रोत, समाज सुधारक और राष्ट्रनिर्माता भी थे। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे स्वामी जी के विचारों, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण के मार्ग पर चलें।
गोपाल राय का संदेश: स्वामी विवेकानंद के विचारों से ही युवाओं के जरिए सामाजिक बुराइयों से मुकाबला संभव
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अपने संबोधन में उन्होंने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों पर भी चिंता व्यक्त की। राय ने कहा कि आज भारत लव जिहाद, जबरन धर्मांतरण और अन्य सामाजिक कुरीतियों जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। ऐसे समय में स्वामी विवेकानंद के विचार ही देश को सही दिशा दिखा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आगे आकर समाज को जागरूक करने और भारत को इन समस्याओं से मुक्त कराने का संकल्प लेने की अपील की।
कार्यक्रम में मनीष राय, कृष्णा पाण्डेय, प्रवीश कुमार पाण्डेय, पंकज सिंह, ओम प्रकाश कश्यप, ईशान राय, हिमांशु धवल, महेश सिंह प्रधान, आशीष सेठ, अंकुर राय, अखिएश कुमार, पीयूष कुमार पांडे, आनंद मौर्या, अनुज मौर्या, संदीप पटेल, अनिकेत पटेल, किशन सैनी, सौरभ गुप्ता, विपुल गुप्ता, मनोज कुमार एडवोकेट, मनोज जयसवाल, हर्ष देव सिंह, सुखदेव मिश्र, विष्णु सैनी, राकेश गुप्ता, ममता टंडन, अजीत सिंह एडवोकेट, अरुण श्रीवास्तव, शाहिद अख्तर आदि प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
