छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण और कोचिंग केंद्रों के प्रभावी नियमन पर जिला स्तरीय समिति की बैठक

Rashtriya Shikhar
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District-Level Committee Meeting on Students’ Mental Health Protection IMAGE CREDIT TO INFORMATION DEPARTMENT

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा, कोचिंग केंद्रों के नियमन तथा जिले में एक सुरक्षित, संतुलित और सहयोगी शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

जिलाधिकारी का स्पष्ट संदेश: विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य सर्वोपरि, शैक्षणिक दबाव और सुरक्षा पर कड़ी नजर

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बैठक में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव, मानसिक तनाव, अनुशासन, समय-सारिणी, आधारभूत सुविधाओं तथा सुरक्षा मानकों के अनुपालन जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस विषय में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों और कोचिंग केंद्रों में निर्धारित नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। कोचिंग संस्थानों का नियमित निरीक्षण किया जाए और यह देखा जाए कि वे मानकों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं या नहीं।

विद्यार्थियों के लिए सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि: जिलाधिकारी ने कक्षाओं, कोचिंग और परिसर में सुधार के सख्त निर्देश दिए

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उन्होंने विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ वातावरण, अग्नि सुरक्षा उपाय, आपातकालीन निकास, निर्धारित समय सीमा में कक्षाओं का संचालन, योग्य परामर्शदाताओं की नियुक्ति, कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण, त्वरित चिकित्सा सुविधा, हेल्पलाइन नंबर का प्रदर्शन, आंतरिक शिकायत समिति का गठन, अभिभावकों के लिए संवेदनशीलता कार्यक्रम, खेलकूद, कला, योग और अन्य पाठ्येतर गतिविधियों के आयोजन पर जोर दिया। इसके साथ ही परीक्षा प्रणाली की समीक्षा कर अनावश्यक शैक्षणिक बोझ कम करने तथा सभी कोचिंग केंद्रों में ऑडियो सहित सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में यह भी कहा गया कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए काउंसलिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए। आवश्यकता के अनुसार मनोवैज्ञानिक परामर्श सत्र आयोजित किए जाएं तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए। निर्देशों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई, पंजीकरण निलंबन जैसी कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी गई।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को दिया समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन का निर्देश, लक्ष्य: छात्रहित और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण

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जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी आदेशों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले में शिक्षा का वातावरण स्वस्थ, संतुलित और छात्र हितैषी बन सके।

बैठक में जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी कुमुद चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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