मेरठ। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संचालित जनसुनवाई समन्वय एवं शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) की माह नवम्बर 2025 की मूल्यांकन रिपोर्ट में मेरठ परिक्षेत्र ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इसी के साथ मेरठ रेंज के तीन जनपद बुलन्दशहर, बागपत और हापुड़ ने भी अपने-अपने स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
मेरठ परिक्षेत्र में शिकायत निस्तारण में सफलता: त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई से न्याय सुनिश्चित
आईजीआरएस, जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर नवम्बर माह के दौरान प्राप्त शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष और कानूनी निस्तारण के चलते यह सफलता मेरठ परिक्षेत्र को मिली है। इस संबंध में पुलिस उप महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप हर शिकायत पर गंभीरता से कार्यवाही की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि पीड़ित को समय पर न्याय मिले।
उन्होंने कहा कि IGRS पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक प्रार्थना पत्र का गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण कराया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे केवल औपचारिकता निभाने के बजाय शिकायत की वास्तविकता को समझें और हर मामले में मौके पर जाकर जांच करें। इसी सजगता और पारदर्शिता का परिणाम है कि मेरठ परिक्षेत्र को प्रदेश में सर्वोच्च रैंक मिली।
डीआईजी का कड़ा निर्देश: शिकायत निस्तारण में स्थल निरीक्षण अनिवार्य, केवल थाने या फोन पर नहीं
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डीआईजी द्वारा परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में भी शिकायत निस्तारण की इस व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत की जांच मोबाइल फोन के माध्यम से या थाने में बैठकर नहीं की जाए, बल्कि संबंधित अधिकारी स्वयं घटनास्थल पर जाकर तथ्यों की पड़ताल करेगा।
इसके साथ ही थाना प्रभारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि IGRS की किसी भी जांच आख्या को अपलोड करने से पहले स्वयं शिकायतकर्ता से फीडबैक लें और संतुष्टि के बाद ही रिपोर्ट पोर्टल पर भेजी जाए। थानों में IGRS से संबंधित शिकायतों और फीडबैक को लेकर बनाए गए रजिस्टरों को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पारदर्शिता और प्रामाणिकता सुनिश्चित: नोडल अधिकारियों को 15 दिन में IGRS समीक्षा और स्थल विवरण अनिवार्य करने के निर्देश
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नोडल अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे प्रत्येक 15 दिन में IGRS पोर्टल की समीक्षा स्वयं करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। इसके अलावा जांच रिपोर्ट में संबंधित घटना स्थल की भौगोलिक स्थिति का उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि पारदर्शिता और प्रामाणिकता बनी रहे।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए डीआईजी ने बुलन्दशहर, बागपत और हापुड़ जनपद की विशेष रूप से प्रशंसा की और अन्य जनपदों से भी इसी स्तर का कार्य प्रदर्शन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण ही जनता का प्रशासन पर भरोसा मजबूत करता है। कलानिधि नैथानी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष समाधान से जहां नागरिकों को समय से राहत मिलती है, वहीं पुलिस के विरुद्ध आने वाली झूठी और निराधार शिकायतों में भी स्वतः कमी आती है। यही कारण है कि IGRS प्रणाली को शासन द्वारा लगातार मजबूत किया जा रहा है और मेरठ परिक्षेत्र इसे पूरी निष्ठा से लागू कर रहा है।
