गाज़ियाबाद (शिखर समाचार)
आईएमएस गाज़ियाबाद में एमडीपी सेल द्वारा एआई एंड इनोवेशन : सिनर्जी ऑफ मीडिया, टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट विषय पर दो दिवसीय ऑनलाइन मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम (एमडीपी) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बढ़ती भूमिका, उसकी कार्यप्रणाली, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग तथा मशीन लर्निंग जैसे महत्वपूर्ण आयामों पर विस्तार से चर्चा की गई।
एआई का युग: कौशल, तकनीक और नई सोच की दिशा में तेज़ी से बढ़ता कदम
एमडीपी में मौजूद प्रबंधकों, विशेषज्ञों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को एआई के विभिन्न पहलुओं जैसे ट्रेडिशनल प्रोग्रामिंग, डीप लर्निंग, कंटेंट जेनरेशन और एआई आधारित निर्णय प्रक्रिया के बारे में प्रायोगिक व तकनीकी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि आने वाले समय में एआई का उपयोग हर क्षेत्र में अनिवार्य रूप से बढ़ेगा, इसलिए स्वयं को एआई-रेडी बनाना समय की मांग है। सही परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की तकनीक और उसके रणनीतिक उपयोग को भी विस्तार से समझाया गया। साथ ही डीपफेक तकनीक के विश्लेषणात्मक पक्षों पर भी गंभीर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों बेंगलुरु, कोलकाता, दिल्ली, हैदराबाद, मेरठ, गाज़ियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, गुरुग्राम, नासिक और हरियाणा से 150 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। नरसी मोनजी इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज बेंगलुरु, एसआरएम यूनिवर्सिटी एनसीआर कैंपस, महर्षि यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी एनसीआर कैंपस, जगन्नाथ यूनिवर्सिटी और जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के शिक्षकों और शोधार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
ज्ञान की नई पहल: एआई विशेषज्ञों के स्वागत संग शुरू हुआ प्रेरणादायी सत्र
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कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की निदेशक प्रो. (डॉ.) जसकिरण कौर द्वारा मुख्य अतिथि एवं वक्ता डॉ. उमा शंकर पांडेय (हेड, जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट, सुरेन्द्रनाथ कॉलेज फॉर वीमेन, कोलकाता यूनिवर्सिटी) और प्रो. उमेश आर्या (गुरु जम्बेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार) का स्वागत करते हुए किया गया। एआई तकनीक और उसके व्यावहारिक उपयोग पर आधारित यह कार्यक्रम ज्ञानवर्धक और समग्र जानकारी से परिपूर्ण रहा।
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. तृप्ति सिंह, डॉ. संध्या शर्मा, प्रो. मनीष कुमार और प्रो. आशीष भटनागर द्वारा किया गया। इस दौरान विभागाध्यक्षों सहित संस्थान के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन डॉ. अनिल कुमार निगम द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
