गाजियाबाद (शिखर समाचार)|
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के सभागार में 28 नवंबर को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मेरठ मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्राधिकरण की सभी योजनाओं का तलपट मानचित्र एक माह के भीतर तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। इसमें अर्जित भूमि का कुल रकबा, विकसित भूखंडों व भवनों का प्रतिशत, विवादित भूमि की स्थिति, न्यायालय में लंबित वाद तथा अब तक की वास्तविक प्रगति इन सभी बिंदुओं को सटीक रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि यह व्यवस्था विकास योजनाओं के पारदर्शी मूल्यांकन और आगामी बैठकों में प्रभावी निर्णय लेने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
नई हरनंदीपुरम योजना में तेजी लाने के निर्देश: तकनीकी दक्षता और चरणबद्ध विकास को बनाया प्राथमिकता
बैठक में नई हरनंदीपुरम योजना को लेकर विशेष रूप से गंभीरता दिखाई गई। मंडलायुक्त ने आदेश दिया कि भूमि क्रय की प्रक्रिया में और अधिक गति लाई जाए तथा तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए अनुभवी सेवानिवृत्त अधिकारियों की भर्ती तुरंत की जाए। उन्होंने कहा कि योजना की पूरी प्लानिंग और डिजाइन एक साथ तैयार की जाए, ताकि कार्य चरणबद्ध तरीके से और उच्च गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ सके। इसके साथ औद्योगिक टाउनशिप परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक सर्वेक्षण भी जल्द-से-जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त का रुख बेहद सख्त दिखाई दिया। उन्होंने साफ कहा कि सड़क, सीवर, नाली और अन्य जनसुविधा कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा से विलंबित किसी भी परियोजना पर ठेकेदार के विरुद्ध पेनल्टी की कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में शहर की पहचान और सौंदर्य बढ़ाने वाली थीम अपनाई जाए, ताकि योजनाओं का स्वरूप आकर्षक, एकरूप और आधुनिक हो। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि परियोजनाओं का लुक और फील जयपुर की पिंक सिटी और लखनऊ के हजरतगंज की तर्ज पर डिजाइन किया जाए, जिससे शहर का समग्र सौंदर्य निखरे।

बैठक के अंत में मंडलायुक्त ने सभी अनुभागों को निर्देशित किया कि प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए हर माह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की रफ्तार किसी भी परिस्थिति में धीमी नहीं पड़नी चाहिए और हर बाधा का समाधान समय रहते हो जाना चाहिए।गाजियाबाद (शिखर समाचार)|
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के सभागार में 28 नवंबर को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मेरठ मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्राधिकरण की सभी योजनाओं का तलपट मानचित्र एक माह के भीतर तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। इसमें अर्जित भूमि का कुल रकबा, विकसित भूखंडों व भवनों का प्रतिशत, विवादित भूमि की स्थिति, न्यायालय में लंबित वाद तथा अब तक की वास्तविक प्रगति इन सभी बिंदुओं को सटीक रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि यह व्यवस्था विकास योजनाओं के पारदर्शी मूल्यांकन और आगामी बैठकों में प्रभावी निर्णय लेने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
बैठक में नई हरनंदीपुरम योजना को लेकर विशेष रूप से गंभीरता दिखाई गई। मंडलायुक्त ने आदेश दिया कि भूमि क्रय की प्रक्रिया में और अधिक गति लाई जाए तथा तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए अनुभवी सेवानिवृत्त अधिकारियों की भर्ती तुरंत की जाए। उन्होंने कहा कि योजना की पूरी प्लानिंग और डिजाइन एक साथ तैयार की जाए, ताकि कार्य चरणबद्ध तरीके से और उच्च गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ सके। इसके साथ औद्योगिक टाउनशिप परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक सर्वेक्षण भी जल्द-से-जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त का रुख बेहद सख्त दिखाई दिया। उन्होंने साफ कहा कि सड़क, सीवर, नाली और अन्य जनसुविधा कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा से विलंबित किसी भी परियोजना पर ठेकेदार के विरुद्ध पेनल्टी की कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में शहर की पहचान और सौंदर्य बढ़ाने वाली थीम अपनाई जाए, ताकि योजनाओं का स्वरूप आकर्षक, एकरूप और आधुनिक हो। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि परियोजनाओं का लुक और फील जयपुर की पिंक सिटी और लखनऊ के हजरतगंज की तर्ज पर डिजाइन किया जाए, जिससे शहर का समग्र सौंदर्य निखरे।
बैठक के अंत में मंडलायुक्त ने सभी अनुभागों को निर्देशित किया कि प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए हर माह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की रफ्तार किसी भी परिस्थिति में धीमी नहीं पड़नी चाहिए और हर बाधा का समाधान समय रहते हो जाना चाहिए।
