हापुड़ (शिखर समाचार)
महिलाओं में मासिक धर्म से जुड़ी जागरूकता को बढ़ावा देने और पीरियड टैबू के खिलाफ सकारात्मक सामाजिक संदेश देने वाले हापुड़ के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता नीरज गेरा को दिल्ली में आयोजित एमएचएम इंडिया समिट 2025 में राष्ट्रीय अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके अनोखे और प्रभावशाली अभियान हैप्पीनेस एक्सप्रेस के लिए दिया गया, जिसने पूरे देश में नई सोच और संवाद को जन्म दिया है।
हैप्पीनेस एक्सप्रेस: झिझक तोड़ती साहस भरी शुरुआत
जानकारी के अनुसार ह्यूमनिफ़ाई फ़ाउंडेशन के संस्थापक, सामाजिक कार्यकर्ता और विश्व रिकॉर्ड धारक नीरज गेरा ने वर्ष 2022 में हापुड़ के आर्य कन्या पाठशाला से हैप्पीनेस एक्सप्रेस की शुरुआत की थी। अभियान का पहला सत्र एक साहसी छात्रा द्वारा पीरियड के दौरान दीप प्रज्वलित कर शुरू किया गया था, जिसने समाज में फैली झिझक और शर्म को चुनौती दी।
आज यह पहल देशभर के 24 से अधिक राज्यों तक पहुँच चुकी है। अब तक यह अभियान 1.60 लाख से अधिक प्रत्यक्ष लाभार्थियों और लाखों अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित लोगों तक अपना संदेश पहुँचा चुका है, जिसने इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण सामाजिक आंदोलन बना दिया है।
पवित्र दाग: जिसने तोड़ी पीरियड शर्म की वैश्विक चुप्पी
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नीरज गेरा की अंतरराष्ट्रीय चर्चित फोटो डॉक्यूमेंट्री ‘पवित्र दाग’ ने पीरियड शर्म, टैबू और चुप्पी के मुद्दे को वैश्विक मंच पर उठाकर समाज के संवेदनशील और अनदेखे पहलुओं को उजागर किया था।
दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में नीरज गेरा को यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार पद्मश्री साई दामोदरन और ग्राम्या की निदेशक प्रीति दामोदरन द्वारा प्रदान किया गया। समारोह में देशभर में मासिक धर्म स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य, जेंडर संवेदनशीलता और सामुदायिक शिक्षा मॉडल को लेकर उनके योगदान की विशेष सराहना की गई।
सम्मान के साथ हापुड़ की सामाजिक शक्ति का राष्ट्रीय गौरव
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पुरस्कार प्राप्त करने के बाद नीरज गेरा ने कहा कि यह सम्मान केवल ह्यूमनिफ़ाई फ़ाउंडेशन की उपलब्धि नहीं है, बल्कि हापुड़ की संवेदनशीलता, जागरूकता और सामाजिक शक्ति की राष्ट्रीय पहचान भी है।
उनके इस प्रयास ने न केवल महिलाओं की स्वास्थ्य जागरूकता को नई दिशा दी है, बल्कि समाज में पीरियड से जुड़े मिथकों को तोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित किया है।
