ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 को लेकर प्रशासन ने सख्ती का पहिया तेज कर दिया है। पंचशील बालक इंटर कॉलेज, नोएडा में देर रात आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम ने स्पष्ट कर दिया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं होगी। बैठक में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक अधिकारी, सुपरवाइजर और बीएलओ बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने कम प्रगति वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी: बीएलओ कार्य में 100% लक्ष्य सुनिश्चित करने का फरमान
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप 04 नवंबर से 04 दिसंबर 2025 तक जनपद की सभी विधानसभाओं में बीएलओ घर-घर पहुंचकर गणना प्रपत्रों का वितरण, संकलन और डिजिटाईजेशन कर रहे हैं। इसी कार्य की अद्यतन प्रगति अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/उप जिला निर्वाचन अधिकारी अतुल कुमार ने बैठक में प्रस्तुत की। रिपोर्ट देखते ही जिलाधिकारी ने जहां 5 प्रतिशत से कम प्रगति दिखाने वाले अधिकारियों को तुरंत सौ प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का फरमान सुनाया, वहीं शून्य प्रगति वाले अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई और एक दिन का वेतन रोकने का आदेश भी जारी कर दिया।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सरकारी कार्य में बाधा डालने या जानबूझकर सुस्ती दिखाने वाले बीएलओ और सुपरवाइजर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने में कोई संकोच नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश मिला कि कार्य में शिथिलता दिखाने वाले 181 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सेवा समाप्ति के नोटिस दिए जाएं तथा सभी सीडीपीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि एवं विभागीय नोटिस जारी किए जाएं। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा अधिकारी को 191 सहायक अध्यापकों और 113 शिक्षामित्रों पर कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी का स्पष्ट निर्देश: बीएलओ सक्रिय रहें, डोर-टू-डोर प्रपत्र संकलन से मजबूत होगा लोकतंत्र
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जिलाधिकारी ने सभी बीएलओ को सख्त आदेश दिया कि वे नियमित रूप से डोर-टू-डोर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र संकलित करें, निर्धारित मतदेय स्थल पर उपस्थित रहें और कार्य में पारदर्शिता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि मतदेय स्थल पर बीएलओ की उपस्थिति और सक्रियता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती का अनिवार्य तत्व है।
इसके साथ ही सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों व सहायक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे व्यक्तिगत रूप से सभी मतदेय स्थलों का निरीक्षण करें और बीएलओ की अनुपस्थिति पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई लागू करें। विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को भी यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में नियुक्त उनके सभी कार्मिक पूरी सक्रियता के साथ कार्य पूरा करें।

जिलाधिकारी ने अंत में सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण लोकतांत्रिक ढांचे का आधार है, इसलिए किसी भी स्तर की लापरवाही के लिए अब कोई जगह नहीं है। बैठक में उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, उप जिलाधिकारी जेवर अभय कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
