ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 को आधार मानते हुए विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण तथा मतदेय स्थलों के व्यापक पुनर्गठन को लेकर मंगलवार को कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी गौतमबुद्धनगर मेधा रूपम की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ जनपद के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने आगामी चुनावों के मद्देनज़र निर्वाचक नामावलियों की शुद्धता, पारदर्शिता और सुविधा को मजबूत करने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण: मतदाता सूची शुद्धिकरण और नए पंजीकरण प्रक्रिया तेज गति से जारी
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/उप जिला निर्वाचन अधिकारी अतुल कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सारणी के हिसाब से आगे बढ़ रही हैं। इस दौरान मतदाता सूची के शुद्धिकरण, नए मतदाताओं के पंजीकरण, प्रविष्टियों के संशोधन, मतदेय स्थलों के संभाजन, गणना प्रपत्रों के वितरण व संकलन तथा संशोधन प्रस्तावों की जांच जैसे प्रमुख कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि संभाजन कार्य के बाद मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों की संख्या में उल्लेखनीय विस्तार किया गया है। पहले 642 मतदान केंद्र थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 743 कर दिया गया है। इसी तरह 1868 मतदेय स्थलों की तुलना में 156 नए स्थल जोड़कर कुल संख्या 2024 कर दी गई है। जहां-जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक थी, उन स्थलों का पुनर्संयोजन करते हुए उन्हें समीपस्थ बूथों में संतुलित किया गया है। इस श्रेणी में कुल 213 मतदेय स्थल शामिल रहे। साथ ही नए बनाए गए बूथों में सभी वर्गों के मतदाताओं का संतुलित समायोजन सुनिश्चित किया गया है, ताकि किसी को भी मतदान के दौरान असुविधा न हो।
जिलाधिकारी ने बीएलओ और बीएलए को घर-घर जाकर मतदाता सूची का सटीक विश्लेषण सुनिश्चित करने के लिए कड़ी हिदायत दी
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/invaluable-literary-contributions/
बैठक में बीएलओ और बीएलए के कामकाज की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि दोनों को अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का विश्लेषण करते हुए नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से जुड़े फॉर्मों के निस्तारण को गंभीरता से करना होगा। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि बीएलए की नियुक्ति का उद्देश्य मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची की वास्तविक स्थिति पर निगरानी रखना है, इसलिए प्रत्येक बीएलए को अपनी रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करनी ही होगी। जहां भी ढिलाई या प्रगति में कमी पाई जाएगी, वहां संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है।
जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि निर्वाचक नामावलियों की शुद्धता लोकतांत्रिक ढांचे की बुनियाद है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मतदेय स्थलों के पुनर्गठन से लेकर प्रत्येक आवेदन के निस्तारण तक पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहेगी।
जिलाधिकारी ने नए बूथों और फॉर्म-6/8 की जानकारी फैलाने का निर्देश दिया, ताकि मतदाता आसानी से नाम या पता संशोधित कर सकें
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/citizens-of-ghaziabad-are-urged-to-cooperate/
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता नए बनाए गए निकटस्थ बूथों पर अपना नाम जोड़ने, संशोधित कराने या पते में परिवर्तन कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें निर्धारित घोषणा पत्र सहित सहमति पत्र जमा करना होगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में नए बनाए गए बूथों तथा फॉर्म-6 और फॉर्म-8 से संबंधित प्रक्रियाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। साथ ही जहां भी नई आवासीय कॉलोनियां विकसित हुई हैं, वहां आवश्यकता के अनुसार नए बूथ स्थापित किए जाएं, जिससे मतदाता आसानी से अपना पता संशोधित कर सकें।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य समयबद्धता, गुणवत्ता और सटीकता के साथ पूरे हों तथा प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग अनिवार्य रूप से की जाए। बैठक में उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, उप जिलाधिकारी अभय कुमार सिंह समेत सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

