मुरादनगर (शिखर समाचार) शांतिकुंज हरिद्वार में प्रज्वलित दिव्य अखंड ज्योति के आगामी जनवरी 2026 में 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरे देश में निकाली जा रही दिव्य अखंड ज्योति कलश रथ यात्रा ने सोमवार को विजय मंडी पहुंचकर माहौल को आध्यात्मिक उत्साह से सराबोर कर दिया। यात्रा के आगमन पर भक्तों ने हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया और सामूहिक दीप यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
तीन दिवसीय रथ यात्रा ने गांव-गांव में फैलाया आध्यात्मिक संदेश, श्रद्धालुओं ने किया उत्साहपूर्वक स्वागत
यात्रा के मुरादनगर पहुंचने से पहले ग्राम सुराना में इसका विशेष स्वागत किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने विधिविधान से यज्ञ किया और कलश का पूजन किया। तीन दिवसीय मुरादनगर प्रवास के दौरान रथ यात्रा ने शहजादपुर, बंदीपुर, काकड़ा, खिमावती, गढ़ी, कुम्हेड़ा, ग्यासपुर, रावली कला, मिलक रावली, हुसैनपुर, नेकपुर, सुठारी, सुराना, सुल्तानपुर, सलेमाबाद, सरना सहित अनेक गांवों में पहुंचकर आध्यात्मिक संदेश का प्रसार किया। हर स्थान पर लोगों ने उत्साहपूर्वक यात्रा का स्वागत किया और आध्यात्मिक वातावरण में स्वयं को जोड़ा।
कलश पूजन और दीप यज्ञ से उमड़ा श्रद्धा का सागर, रथ यात्रा ने फैलाया सद्भाव और जागृति का संदेश
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/in-a-special-intensive-review-the-dm/
विजय मंडी में सैकड़ों साधकों व श्रद्धालुओं ने कलश का सामूहिक पूजन किया तथा दीप यज्ञ के माध्यम से राष्ट्र, समाज और विश्व की सुख-शांति की कामना की। कार्यक्रम में उपस्थित साधकों का कहना था कि दिव्य अखंड ज्योति के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में निकाली गई यह रथ यात्रा देशभर में सद्भाव, संस्कार और जागृति का संदेश पहुंचा रही है। उन्होंने बताया कि परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा बसंत पंचमी 1926 को स्थापित इस दिव्य अखंड दीपक के समक्ष करोड़ों गायत्री मंत्रों का सतत जप होता आ रहा है, जिसने अनगिनत लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाए हैं। कार्यक्रम में कृष्णातार अग्रवाल, रामकिशन बंधु, अमरीश गोयल, हरकरण बंसल, मनोज कुमार, शिवकुमार गोयल, सुनील त्यागी, प्रदीप कुमार यादव, अनिल गोयल, शर्मिष्ठा त्यागी, सरला त्यागी, मंगलसेन गर्ग, बुद्धप्रकाश गोयल, डॉ. सतेंद्र त्यागी, यतेंद्र त्यागी, महावीर प्रसाद त्यागी, रजनीश कुमार, महेश चंद त्यागी, गिरीश गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कार्यक्रम की आध्यात्मिक गरिमा को बढ़ाया।

