देहरादून (शिखर समाचार)। जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में कुल 102 शिकायतें दर्ज की गईं। अपर जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
निवेश और नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायतें
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समाधान दिवस में ऋषिकेश निवासी रेखा चतरथ, नीलम नेगी और ऋतु गर्ग ने निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने क्रमश: 18.95 लाख, 14.75 लाख और 4.25 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की। मामले में जांच के निर्देश दिए गए। नथुवाला निवासी अखिलेश उनियाल ने नौकरी का प्रस्ताव देकर 1.75 लाख रुपये जमा कराने के बाद नौकरी नहीं देने की शिकायत की। वहीं इंद्रेश नगर निवासी खेम चंद ने सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये ठगे जाने की शिकायत की। दोनों मामलों में पुलिस क्षेत्राधिकारियों को जांच सौंपी गई।
पेयजल और मोबाइल नेटवर्क की समस्याएं भी उठीं
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नवादा मिनी मसूरी जन कल्याण समिति ने मोबाइल नेटवर्क की समस्या उठाई, जबकि चकराता क्षेत्र की उरटेडा बस्ती में जर्जर पेयजल लाइन की शिकायत पर जल निगम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नेहरू कॉलोनी निवासी 62 वर्षीय आशा कनौजिया ने बेटे और बहू पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इस पर भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत वाद दायर कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा भूमि धोखाधड़ी, अतिक्रमण, रास्ता बंद करने, बारिश से मकान और गौशाला की दीवार क्षतिग्रस्त होने तथा उपचार के लिए आर्थिक सहायता सहित अन्य शिकायतें भी पहुंचीं। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को औपचारिकता न मानकर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें और शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई से अवगत कराएं।
