गाजियाबाद (शिखर समाचार)। यूपी शासन ने मंगलवार को अचानक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए IAS नंद किशोर कलाल को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) का नया उपाध्यक्ष बना दिया।
आदेश जारी होते ही पूरे शहर में चर्चा छिड़ गई “आखिर कौन हैं ये कलाल, जिनका नाम आते ही हलचल मच गई?”
आखिर कौन हैं नंद किशोर कलाल?
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राजस्थान के रहने वाले 2018 बैच के IAS नंद किशोर कलाल अपने सख्त एक्शन, पारदर्शी सिस्टम और तेज़ निर्णयों के लिए जाने जाते हैं।
लखनऊ विकास प्राधिकरण, नगर विकास विभाग और प्रयागराज विकास प्राधिकरण जैसे अहम पदों पर रह चुके कलाल का ट्रैक रिकॉर्ड बताता है जहां रुके थे काम, वहां दौड़ पड़ी फाइलें!
प्रयागराज में उन्होंने अधूरे प्रोजेक्ट्स को टाइम-लिमिट में पूरा कराया, अवैध निर्माणों पर शिकंजा कसा और हर काम की डिजिटल मॉनिटरिंग शुरू कराई।
कहा जाता है कि वे “क्लोज रूम मीटिंग” के बजाय “ऑन-साइट रिव्यू” में यकीन रखते हैं।
क्या अब GDA में बदलेगा खेल?
गाजियाबाद जैसे तेजी से बढ़ते शहर में GDA की भूमिका बेहद अहम है लेकिन शिकायतें भी कम नहीं हैं:
अधूरे प्रोजेक्ट्स, ट्रैफिक जाम, अवैध निर्माण और जवाबदेही की कमी!
अब सवाल उठ रहा है क्या नंद किशोर कलाल इस सिस्टम को हिला पाएंगे?
प्रशासनिक हलकों में उम्मीद जताई जा रही है कि उनके आने से GDA की स्पीड “टर्बो मोड” में जाएगी और जवाबदेही बढ़ेगी।
कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक, अब सबकी नज़र उनके पहले कदम पर है।
जल्द लेंगे चार्ज, पहले होंगे साइट विजिट
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सूत्रों के मुताबिक कलाल जल्द गाजियाबाद पहुंचकर पदभार संभालेंगे और शहर की प्रमुख योजनाओं का जमीनी निरीक्षण करेंगे।
व्यापारियों और आम नागरिकों में उम्मीद है कि “नए वीसी आएंगे तो सिस्टम में नई हवा चलेगी।”
लोग कह रहे हैं “अब फाइल नहीं रुकेगी, काम रुके तो वजह पूछी जाएगी!”
