उत्तर प्रदेश शासन ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई ज़िलों में आईएएस अधिकारियों के तबादले: नई जिम्मेदारियाँ सौंपे जाने से प्रशासनिक हलकों में मचा हलचल

Rashtriya Shikhar
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The Uttar Pradesh government has carried out a major administrative reshuffle, transferring several IAS officers across various districts. The new assignments have created a stir in administrative circles IMAGE CREDIT TO PROFILE

लखनऊ (शिखर समाचार)। उत्तर प्रदेश शासन ने मंगलवार को कई वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के तबादले करते हुए प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभिन्न ज़िलों के विकास प्राधिकरणों, नगर निकायों और विकास प्राधिकरणों में तैनात अधिकारियों के कार्यक्षेत्रों में बड़ा बदलाव किया गया है।

नीतिगत प्राथमिकताओं के साथ प्रशासनिक फेरबदल: अनुभव और दक्षता पर टिकी नई तैनातियाँ

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विशेष सचिव विजय कुमार द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यह फेरबदल शासन की नीतिगत प्राथमिकताओं और प्रशासनिक दक्षता को मज़बूत करने के उद्देश्य से किया गया है। आदेश के तहत कई अधिकारियों को उनके अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर नई तैनाती दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव में उन अधिकारियों को प्राथमिकता दी गई है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। वहीं, कुछ अधिकारियों को बेहतर समन्वय और गति लाने के लिए नई ज़िम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

तुरंत कार्यभार संभालें अधिकारी: सुचारु नीति क्रियान्वयन के लिए शासन ने दिए सख्त निर्देश

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आदेश के मुताबिक स्थानांतरण की सूचना संबंधित ज़िलों के आयुक्तों, मंडलायुक्तों और विकास प्राधिकरणों को भेज दी गई है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से अपने नए कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण करें, ताकि शासन की नीतियाँ बिना किसी व्यवधान के लागू हो सकें।

प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को आगामी विकास योजनाओं की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है। कई अधिकारियों के ज़िलों में अदला-बदली से स्थानीय स्तर पर भी नए सिरे से कामकाज की गति बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं शासन के करीबी सूत्रों का कहना है कि यह फेरबदल केवल नियमित प्रक्रिया नहीं, बल्कि आगामी वित्तीय वर्ष की तैयारियों को ध्यान में रखकर किया गया है। शासन चाहता है कि ज़मीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

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