बिजनौर में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का भव्य स्वागत, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठाई मांग

Rashtriya Shikhar
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Grand welcome of Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand in Bijnor; demand raised to declare the cow as the “National Mother” — IMAGE CREDIT TO रिपोर्टर

बिजनौर (शिखर समाचार)। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बिजनौर आगमन पर श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया। विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनका अभिनंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।

धार्मिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर विचार

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इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य ने देश की वर्तमान राजनीतिक एवं धार्मिक परिस्थितियों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज समाज में हिंदुत्व के नाम पर राजनीति करने वालों और वास्तविक धार्मिक मूल्यों का पालन करने वालों के बीच अंतर समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वयं को हिंदू हितों का प्रतिनिधि बताते हैं, उन्हें गौ संरक्षण के मुद्दे पर स्पष्ट और ठोस कदम उठाने चाहिए।

गौ संरक्षण और राष्ट्रमाता की मांग

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शंकराचार्य ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौमाता के प्रति श्रद्धा रखती है तो उसे गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर निर्णय न होने से समाज के एक बड़े वर्ग में निराशा है। उन्होंने लोगों से धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए जागरूक रहने का आह्वान किया।

राजनीति और जनमत पर टिप्पणी

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अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए राजनीतिक नेतृत्व पर भी कई टिप्पणियां कीं और कहा कि जनप्रतिनिधियों का मूल्यांकन उनके कार्यों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता समय आने पर अपने मताधिकार के माध्यम से निर्णय करती है और लोकतंत्र में यही सबसे बड़ी शक्ति है।

बिजनौर प्रवास के दौरान शंकराचार्य के जिले के अन्य नगरों में भी कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। उनके रात्रि विश्राम की व्यवस्था भी जिले में ही किए जाने की संभावना है। विभिन्न कार्यक्रमों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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