खतौली/मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)। स्थानीय आर्य समाज शिवपुरी परिसर में वैदिक पर्व रक्षाबंधन उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विशेष वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके साथ ही आर्य समाज के सदस्यों को विधिवत नवीन यज्ञोपवीत धारण कराया गया।
रक्षाबंधन पर्व के महत्व पर डाला प्रकाश
आर्य प्रतिनिधि सभा मुजफ्फरनगर के प्रधान सत्येंद्र आर्य ने रक्षाबंधन पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वैदिक परंपरा में रक्षाबंधन का मूल स्वरूप रक्षा सूत्र से जुड़ा हुआ है। वैदिक काल में शिष्य गुरु को रक्षा सूत्र बांधते थे तथा गुरु ब्रह्मचारियों को रक्षा सूत्र प्रदान करते थे। वर्तमान समय में बहन भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उसकी मंगलकामना करती है और भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेता है। रक्षा सूत्र को पहुंची और मौली के नाम से भी जाना जाता है।
विशेष यज्ञ के बाद सदस्यों ने धारण किया नवीन यज्ञोपवीत
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कार्यक्रम से पूर्व रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में विशेष यज्ञ कराया गया। इसमें कुमारी सारा कालान यजमान रहीं, जबकि अजेश आर्य एवं भगवान सिंह आर्य ने पुरोहित की भूमिका निभाई। यज्ञ के उपरांत उपस्थित सदस्यों को नवीन यज्ञोपवीत धारण कराया गया। कार्यक्रम में जगदीश प्रधान, रामानंद आर्य, अनिल आर्य, विकास आर्य, सुशील आर्य, धीरेंद्र आर्य, शोभाराम आर्य, राजेंद्र खारी, प्रणव आर्य, राजकुमार, शशिपाल, रण सिंह आर्य, चरण सिंह आर्य, दक्षिता आर्य, निरोक्षा खंडेलवाल, दीपक आर्य, संगीता, सोनाक्षी, सतीश विश्वकर्मा, विक्रम सिंह और अनुज आर्य सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
