बिजनौर (शिखर समाचार) बढ़ापुर क्षेत्र के ग्राम सरदारपुर छायली मार्ग पर बहने वाली पहाड़ा नदी पर पुल निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ गया है। शुक्रवार को लखनऊ से चार सदस्यीय तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और नदी पर प्रस्तावित पुल के लिए आवश्यक सर्वे किया। टीम में दो सर्वेयर और सेतु निर्माण से जुड़े दो तकनीकी विशेषज्ञ शामिल रहे, जिन्होंने नदी की लंबाई, चौड़ाई, गहराई और आसपास की भौगोलिक स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया।
बरसाती उफान में जब पहाड़ा नदी बनती है संकट—कट जाते हैं गांव, थम जाती है जिंदगी
पहाड़ा नदी बरसात के मौसम में विकराल रूप धारण कर लेती है, जिससे जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। इस कारण ग्राम चकउदय चंद, सरदारपुर छायली, बहेड़ी, काशीवाला समेत कई गांवों का संपर्क बढ़ापुर कस्बे से पूरी तरह कट जाता है। हालात ऐसे हो जाते हैं कि ग्रामीणों को आवश्यक सेवाओं, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार लोगों को अपने घरों में ही कैद होकर रहना पड़ता है।
ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए करीब पांच माह पूर्व क्षेत्र के लोगों ने नदी किनारे कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया था। लगातार छह दिन तक चले धरने के दौरान भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अरविंद गहलौत मौके पर पहुंचे थे और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना था। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि पुल निर्माण के लिए शासन स्तर पर पहल की जाएगी। उनके आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया था।
पांच महीने बाद सर्वे टीम की मौजूदगी से बढ़ी उम्मीद—अब पहाड़ा नदी पर पुल निर्माण की राह हुई साफ
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अब लगभग पांच महीने बाद सर्वे टीम के पहुंचने से यह उम्मीद मजबूत हो गई है कि पहाड़ा नदी पर जल्द ही पुल का निर्माण शुरू हो सकता है। टीम ने पूरे दिन मौके पर रहकर तकनीकी माप-जोख की और देर शाम वापस लौट गई। सर्वे पूरा होने के बाद अब रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की स्वीकृति और बजट की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
नदी पर सर्वे होने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुल बन जाता है तो उन्हें बरसात के मौसम में होने वाली भारी परेशानियों से हमेशा के लिए राहत मिल जाएगी। लोगों को उम्मीद है कि वर्षों पुरानी यह मांग अब जल्द ही हकीकत का रूप लेगी।
