गाजियाबाद (शिखर समाचार)। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और विभिन्न जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियानों की प्रगति की समीक्षा के लिए गुरुवार को पुलिस लाइन्स स्थित परमजीत हॉल में अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने अपराधों की रोकथाम, लंबित मामलों के निस्तारण और आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से समीक्षा की। अधिकारियों को सभी कार्रवाई समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय/अपराध केशव कुमार चौधरी, अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था/यातायात राजकरन नैय्यर, सभी जोन के पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, महिला अपराध तथा अपराध/अभिसूचना से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अपराध नियंत्रण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा के बाद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में यक्ष एप पर अपराधियों की फीडिंग और सत्यापन की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि यक्ष एप पर अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कर उनका पूरा विवरण फीड किया जाए। इसके साथ ही अवैध नशे के कारोबार, नशे के सेवन तथा अवैध शस्त्रों की तस्करी और रखरखाव के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत एक जनवरी से 15 अगस्त 2026 तक की कार्रवाई की समीक्षा की गई। पुलिस अधिकारियों को अभियान के तहत प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए।
लंबित मामलों के जल्द निस्तारण पर जोर
अपराध गोष्ठी में थानों में लंबित मामलों और माल मुकदमाती की स्थिति की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों और वाहनों का नियमानुसार जल्द से जल्द निस्तारण करने तथा माल मुकदमाती को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। वहीं सीसीटीएनएस पोर्टल पर एक जनवरी से 15 अगस्त तथा एक अगस्त से 15 अगस्त तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों का समयबद्ध निस्तारण और पोर्टल पर अपडेट फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
पुलिस कमिश्नर ने संपत्ति और शरीर संबंधी अपराधों के दो वर्षीय आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा करते हुए अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। हत्या, लूट, डकैती, स्नैचिंग, दुष्कर्म और गोवध अधिनियम से जुड़े शेष मामलों के शीघ्र अनावरण के लिए तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र का प्रभावी इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संपत्ति संबंधी मामलों में अब तक हुए अनावरण, आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी की भी समीक्षा की गई।

महिलाओं की शिकायतों का संवेदनशीलता से हो निस्तारण
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बैठक में निरोधात्मक कार्रवाई और महत्वपूर्ण अधिनियमों के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। मिशन शक्ति केंद्रों पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आईजीआरएस पोर्टल की रैंकिंग तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियों पर भी विशेष चर्चा हुई। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, प्रभावी गश्त, यातायात व्यवस्था और आयोजकों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में अधिकारियों से कहा गया कि अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और जनशिकायतों के निस्तारण से जुड़ी प्रत्येक कार्रवाई को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। आगामी त्योहारों के दौरान आपसी समन्वय और सतर्कता के साथ प्रभावी पुलिसिंग करते हुए जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता हो।
