शामली (शिखर समाचार)। मिशन शक्ति विशेष अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी), बनत की छात्राओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली समझने और नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर दिया गया। इसके अंतर्गत कक्षा सात की छात्रा अलीशा को एक दिन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) तथा हुमा कुरैशी को जिला समन्वयक बालिका शिक्षा की प्रतीकात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई।
छात्राओं को सौंपी गई प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी
इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने दोनों छात्राओं को उनके पदों के दायित्वों, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, जनसुनवाई और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की प्रक्रिया की जानकारी दी। अलीशा ने जनसुनवाई में भाग लेकर लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया को समझा। इस अनुभव के माध्यम से छात्राओं को यह जानने का अवसर मिला कि अधिकारी किस प्रकार जनसमस्याओं पर विचार करते हैं और उनके निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हैं।
आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करना उद्देश्य
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इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व कौशल और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। प्रशासनिक पदों की प्रतीकात्मक जिम्मेदारी निभाकर छात्राओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और भविष्य में नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए तैयार होने की प्रेरणा मिली।
मिशन शक्ति से बालिकाओं को सशक्त बनाने की पहल
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मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम को बालिकाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके माध्यम से बेटियों को समान अवसर उपलब्ध कराने, उनमें प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति समझ विकसित करने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया।
