——दिल्ली हाईकोर्ट में भारतीय भाषा अभियान का भव्य आयोजन, न्यायपालिका से जुड़े दिग्गजों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने की शिरकत; सेवानिवृत्त जिला जज आरबी शर्मा का भी कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
आरव शर्मा
नई दिल्ली (शिखर समाचार)। भारतीय भाषा अभियान, दिल्ली प्रांत एवं यूको बैंक के संयुक्त तत्वावधान में ‘हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह-2026’ का आयोजन गुरुवार को दिल्ली उच्च न्यायालय स्थित एस-ब्लॉक ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘संविधान और भारतीय भाषाएं’ रहा। समारोह में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, भारतीय भाषाओं के संरक्षण तथा न्याय एवं प्रशासन के क्षेत्र में भारतीय भाषाओं के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश प्रतिमा एम. सिंह अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एन. नागरेज, दिल्ली उच्च न्यायालय के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक तथा यूको बैंक के महाप्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश तिवारी सहित अन्य अतिथियों ने सहभागिता की।
समारोह के दौरान सेवानिवृत्त जिला जज आरबी शर्मा का भी विशेष रूप से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मौजूद भारतीय भाषा अभियान के कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन करते हुए उनका स्वागत किया। राजेंद्र बाबू शर्मा ने भी भारतीय भाषाओं के महत्व तथा हिंदी के व्यापक प्रयोग की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारतीय संविधान में भारतीय भाषाओं की भूमिका और देश की भाषायी विविधता को बनाए रखने की आवश्यकता पर चर्चा की। समारोह के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भारतीय भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार हैं। ‘जनता को न्याय, जनता की भाषा में’ की भावना को भी कार्यक्रम के प्रमुख संदेशों में शामिल किया गया।
हिंदी के साथ सभी भारतीय भाषाओं के सम्मान पर जोर
समारोह में हिंदी को जनसामान्य से जोड़ने के साथ-साथ देश की अन्य भारतीय भाषाओं के संरक्षण और सम्मान की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने न्यायपालिका, प्रशासन और सार्वजनिक जीवन में ऐसी भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई, जिसे आम नागरिक सहजता से समझ सके।
भारतीय भाषा अभियान, दिल्ली प्रांत से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में विभिन्न इकाइयों के संयोजक, सह-संयोजक एवं प्रमुख कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही। आयोजन से पहले समारोह की तैयारियों और क्रियान्वयन को लेकर भी बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित कार्यकर्ताओं से समय पर उपस्थित होकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया।
अतिथियों ने साझा किया अपना संदेश
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° न्यायमूर्ति प्रतिमा एम. सिंह ने भारतीय भाषाओं के महत्व और संवैधानिक मूल्यों के संदर्भ में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम के विषय ‘संविधान और भारतीय भाषाएं’ के अनुरूप उनकी उपस्थिति ने समारोह को विशेष महत्व दिया।
° चेतन शर्मा ने न्यायिक क्षेत्र में भाषा की भूमिका पर विचार रखते हुए भारतीय भाषाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं अनिल कौशिक ने भी भारतीय भाषाओं के महत्व से जुड़े विषय पर अपनी सहभागिता की।
° राजेश तिवारी ने यूको बैंक की ओर से कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए भारतीय भाषा अभियान के उद्देश्य से जुड़े आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। एन. नागरेज ने भी भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं उनके सम्मान से जुड़े इस अभियान में अपनी सहभागिता की।
° सेवानिवृत्त जिला जज आरबी शर्मा के स्वागत को भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन करते हुए भारतीय भाषाओं के प्रति अभियान की गतिविधियों में उनके जुड़ाव का स्वागत किया।

‘मां, मातृभूमि और मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं’
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भारतीय भाषा अभियान की ओर से समारोह के माध्यम से ‘मां, मातृभूमि एवं मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं’ का संदेश दिया गया। आयोजन में इस विचार को प्रमुखता से रखा गया कि अपनी मातृभाषा के प्रति सम्मान बनाए रखते हुए सभी भारतीय भाषाओं के प्रति समान आदर की भावना विकसित की जानी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने कहा कि हिंदी पखवाड़े के माध्यम से भाषा के प्रति जागरूकता का जो अभियान चलाया गया है, उसे आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा।
