किसानों की झोली खुशियों से भरी: जीडीए ने निभाया वादा, 275 प्रभावित किसानों को मिला विकसित भूखण्डों का बड़ा तोहफ़ा

Rashtriya Shikhar
4 Min Read
Farmers’ laps filled with joy: GDA kept its promise IMAGE CREDIT TO AUTHORITY

गाजियाबाद (शिखर समाचार)|
गाजियाबाद में आज का दिन किसानों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रहा। मधुबन बापूधाम आवासीय योजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण मामलों में वर्षों से चली आ रही प्रक्रिया आखिर निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए 6/4 प्रतिशत मॉडल के आधार पर विकसित आवासीय भूखण्डों का आवंटन कर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह पहल न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता की मिसाल बनी बल्कि किसानों के भरोसे को भी नई मजबूती प्रदान करती है।

सालों की प्रतीक्षा का अंत: किसानों को नए भविष्य की सौग़ात देने वाला ऐतिहासिक ड्रॉ

ALSO READ:https://www.livehindustan.com/ncr/ghaziabad/story-monitoring-development-in-villages-through-video-conferencing-in-ghaziabad-201764343219855.html

लगभग 800 एकड़ भूमि के अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को मुआवजे के रूप में विकसित भूखण्ड देने की प्रक्रिया के तहत वर्ष 2010 (योजना संख्या 791) और वर्ष 2013 (योजना संख्या 828) के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का नम्बरिंग ड्रॉ 28 नवंबर 2025 को हिन्दी भवन, लोहिया नगर, गाजियाबाद में आयोजित किया गया। सुबह 11 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में किसानों की भारी उपस्थिति देखी गई। पूरा माहौल उम्मीद और उत्साह से भरा हुआ था क्योंकि कई किसान वर्षों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे।

ड्रॉ अपर सचिव की अध्यक्षता में विशेषकार्याधिकारी और संयुक्त सचिव की मौजूदगी में पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुआ। किसानों ने लाइव ड्रॉ प्रक्रिया को देखते हुए भरोसा जताया कि प्राधिकरण ने नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष आवंटन किया है। कार्यक्रम के दौरान कुल 275 किसानों को 150 वर्ग मीटर से लेकर 2382 वर्ग मीटर तक के भूखण्ड आवंटित किए गए। इनमें 150 वर्ग मीटर आकार के 49 भूखण्ड, 200 वर्ग मीटर के 64, 300 वर्ग मीटर के 62, 352 वर्ग मीटर के 26, 405 वर्ग मीटर के 10, 450 वर्ग मीटर के 6, 498 वर्ग मीटर के 8, 551 वर्ग मीटर के 7 तथा 595 और 650 वर्ग मीटर के 6-6 भूखण्ड शामिल रहे। इसके अलावा 650 से 943 और 943 से 2382 वर्ग मीटर के 1-1 भूखण्ड भी बांटे गए।

लंबे संघर्ष के बाद मिली जीत: किसानों ने ली राहत की सांस, प्राधिकरण ने दिया सुरक्षित भविष्य का भरोसा

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/strong-action-by-gda-in-dasna-2/

आवंटन के बाद मौके पर उपस्थित कई किसानों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि प्राधिकरण के इस फैसले से उन्हें अपना भविष्य सुरक्षित दिखाई देता है। कुछ किसानों ने इसे अपने परिवारों के लिए “लंबे संघर्ष के बाद मिली जीत” बताया। वहीं प्राधिकरण की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि किसानों को उनका वैध अधिकार दिलाना और विकास कार्यों को निर्धारित गति देना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की इस बड़ी कार्रवाई से न केवल किसानों की अपेक्षाओं को सम्मान मिला है, बल्कि यह कदम शहर में योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक मजबूत आधार भी तैयार करता है। प्राधिकरण की पारदर्शिता, समयबद्धता और जनहित पर केंद्रित कार्यशैली ने एक बार फिर यह साबित किया है कि विकास और विश्वास दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ना ही असली प्रशासनिक सफलता है।

Share This Article
Leave a comment