हरिद्वार (शिखर समाचार)।
कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान लगातार हो रही भारी वर्षा के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर गुरुवार को नारसन बॉर्डर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, जांच चौकियों, मार्ग परिवर्तन व्यवस्था तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा संचालित सेवा शिविरों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
श्रद्धालुओं से की निर्धारित मार्गों का पालन करने की अपील
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कांवड़ यात्रियों से संवाद करते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें तथा यातायात नियमों का पालन कर प्रशासन का सहयोग करें।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार 10 फीट से अधिक चौड़ी और 12 फीट से अधिक ऊंची कांवड़ तथा निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित ध्वनि विस्तारक यंत्रों से सुसज्जित वाहनों को जनपद की सीमा में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। ऐसे सभी वाहनों और कांवड़ों को नारसन बॉर्डर से वापस किया जा रहा है।
जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी के दिए निर्देश
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सीमा पर तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को प्रत्येक वाहन की सघन जांच कर नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
भारी वर्षा के कारण जलभराव वाले क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को तत्काल जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कांवड़ यात्रियों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, तहसीलदार विकास अवस्थी, अपर तहसीलदार शुभांगिनी सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
