लखनऊ/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) यमुना औद्योगिक मार्ग प्राधिकरण ने सेक्टर-8 में 200 एकड़ का औद्योगिक भूखंड SAEL इंडस्ट्रीज की सहायक इकाई को हस्तांतरित कर प्रदेश में एक बड़े सौर उपकरण निर्माण केंद्र की नींव रख दी है। राज्य सरकार की मंजूरी के अनुरूप करीब आठ हजार दो सौ करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाला यह संपूर्ण सौर उत्पादन परिसर आने वाले समय में प्रदेश के ऊर्जा परिदृश्य को नई दिशा देगा।
पाँच गीगावाट क्षमता वाले TOPCon सौर सेल और पटल संयंत्र से प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिकीकरण को मिलेगा नया impulso
प्रस्तावित संयंत्र में पाँच गीगावाट क्षमता के उच्च दक्षता वाले TOPCon प्रौद्योगिकी आधारित सौर सेल उत्पादन तंत्र और उतनी ही क्षमता के सौर पटल निर्माण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा उपकरण निर्माण का सशक्त आधार तैयार होगा और औद्योगिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा।
पूर्व में दिए गए आश्वासन पत्र को अब औपचारिक आवंटन पत्र में परिवर्तित कर प्राधिकरण ने प्रक्रिया को पूर्णता दी। प्राधिकरण के प्रमुख कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह तथा अधिकारी विशेष कर्तव्य शैलेंद्र कुमार भाटिया ने SAEL प्रतिनिधियों को भूमि आवंटन पत्र सौंपकर परियोजना को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया।
जेवर हवाई अड्डे के पास नई औद्योगिक इकाई: बुनियादी ढांचे और नीतिगत समर्थन से विकास को मिलेगा बल
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यह विशाल इकाई जेवर हवाई अड्डे के समीप यमुना मार्ग पट्टी में स्थापित की जाएगी, जिसे प्रदेश की आधारभूत संरचना और विनिर्माण बढ़ोतरी की रणनीति में महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया गया है। उत्कृष्ट सड़क सम्पर्क, आगामी हवाई अड्डे की निकटता और सुदृढ़ नीतिगत समर्थन इस परियोजना को गति प्रदान करेंगे।
प्राधिकरण की यह पहल नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मत है कि यह कदम प्रदेश को सौर विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। SAEL इंडस्ट्रीज नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की एक व्यापक क्षमताओं वाली कंपनी है, जिसके संचालन में सौर पैनल निर्माण, निर्माण प्रबंधन परियोजना (ईपीसी), तथा ऊर्जा परियोजनाओं का संचालन और अनुरक्षण शामिल हैं। कंपनी के स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो में 8299.5 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता, 3625 मेगावाट TOPCon सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता और 164.90 मेगावाट कृषि अपशिष्ट आधारित ऊर्जा परियोजनाएं सम्मिलित हैं।
