ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) औद्योगिक विकास के केंद्र के रूप में तेजी से पहचान बना रहा ग्रेटर नोएडा विदेशी निवेशकों की पसंदीदा मंजिल बनता जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को जापान के प्रसिद्ध मिजुहो बैंक का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ग्रेटर नोएडा पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने यहां निवेश की संभावनाओं का जायजा लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
ग्रेटर नोएडा में विकास की नई उड़ान: निवेश और नवाचार का साझा खाका
बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ और आईआईटीजीएनएल के प्रबंध निदेशक एनजी रवि कुमार, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ प्रेरणा सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्राधिकरण की ओर से प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल को ग्रेटर नोएडा की विकास योजना, औद्योगिक ढांचा, निवेश-अनुकूल नीतियां और इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप की आधुनिक सुविधाओं से अवगत कराया गया।
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तुतीकरण देखकर प्राधिकरण के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप के प्लग एंड प्ले सिस्टम, वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट और सुदृढ़ बिजली व्यवस्था को बेहद प्रभावशाली बताया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ग्रेटर नोएडा का औद्योगिक वातावरण निवेश के लिए उपयुक्त है और वे यहां संभावित निवेश के अवसरों पर गंभीरता से विचार करेंगे।
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने देखी प्रगति की झलक: ग्रेटर नोएडा की औद्योगिक संभावनाओं की प्रशंसा
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इस दौरान आईआईटीजीएनएल की टीम भी मौजूद रही, जिसने प्रतिनिधिमंडल को क्षेत्र की आधारभूत संरचना और प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। बैठक के बाद जापानी प्रतिनिधियों ने टाउनशिप का स्थल निरीक्षण भी किया और ग्रेटर नोएडा की औद्योगिक संभावनाओं की सराहना की।
बताया गया कि मिजुहो बैंक जापान का प्रमुख वित्तीय संस्थान है, जो मिजुहो फाइनेंशियल ग्रुप का हिस्सा है। यह बैंक जापान के सबसे बड़े बैंकों में शामिल है और व्यक्तिगत, लघु एवं मध्यम उद्यमों, बड़े निगमों व वित्तीय संस्थानों को विविध वित्तीय सेवाएं प्रदान करता है। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार ग्रेटर नोएडा में विदेशी निवेशकों की बढ़ती रुचि इस क्षेत्र के मजबूत औद्योगिक ढांचे और भरोसेमंद नीतिगत माहौल का परिणाम है। जापानी प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा न केवल निवेश की नई राहें खोलने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है, बल्कि क्षेत्र की वैश्विक औद्योगिक पहचान को और सशक्त करेगी।
