बिजनौर में पुलिस का रौद्र रूप उजागर, महिला को बालों से घसीटने वाला दारोगा लाइन हाजिर

Rashtriya Shikhar
4 Min Read
Police's aggressive attitude exposed in Bijnor, the inspector who dragged a woman by her hair suspended IMAGE CREDIT TO REPORTER

बिजनौर (शिखर समाचार) एक तरफ उत्तर प्रदेश पुलिस महिला सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति अभियान को धार देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर बिजनौर में पुलिस की बर्बरता ने पूरे विभाग की छवि पर करारा प्रहार किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने चौकाने वाली तस्वीर सामने रखी है, जिसमें थाना शहर कोतवाली क्षेत्र की गंज चौकी पुलिस एक महिला को बाल पकड़कर सड़क पर घसीटते हुए देखी गई है। यह दृश्य सरकार के मिशन शक्ति के संदेश के ठीक उलट पुलिस की संवेदनहीनता को उजागर करता है।

पुलिस की बर्बरता: दारोगा ने महिला को बाल पकड़कर घसीटा, वायरल हुआ वीडियो

ALSO READ:https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/ghaziabad-ransom-lawrence-bishnoi-goldy-brar-threat-extortion-call-to-chairmans-husband-local18-9769637.html

मामला गंज चौकी क्षेत्र के दारानगर गांव का है, जहां दो पक्षों में झगड़ा और हाथापाई हो गई थी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एक युवक को पकड़कर ले जाने लगी। तभी गांव की महिलाएं हस्तक्षेप करने लगीं और कार्रवाई का विरोध किया। आरोप है कि इस विरोध के बीच गंज चौकी में तैनात दारोगा ने संयम खोते हुए एक महिला के साथ अमानवीय व्यवहार किया। उसने महिला के बाल पकड़कर उसे कई मीटर तक घसीटा, जिससे आसपास मौजूद लोग भी सन्न रह गए। इस दौरान किसी पुलिसकर्मी ने दारोगा को रोकने का प्रयास भी नहीं किया, बल्कि टीम मूकदर्शक बनी रही। घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो के वायरल होते ही पुलिस पर सवालों की बौछार शुरू हो गई। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा तो जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने पूरी घटना पर त्वरित एक्शन लिया और जांच के आदेश दिए। मामले की जांच नगर क्षेत्राधिकारी गौतम राय को सौंपी गई। प्रारंभिक जांच में दारोगा की हरकत को विभागीय मानकों और पुलिस आचरण के विपरीत पाया गया। इसके आधार पर आरोपी दारोगा को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच प्रारंभ कर दी गई।

पुलिस की बर्बरता के बाद ग्रामीणों में गुस्से की लहर: कैसे भरोसा करें अगर सुरक्षा देने वाले ही अत्याचार करें

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/defence-minister-rajnath-singh-described/

घटना के बाहर आते ही आम लोगों में आक्रोश साफ देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने महिला के साथ हुई अभद्रता पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस का काम सुरक्षा देना है, न कि अत्याचार करना। लोगों का यह भी कहना है कि जब कानून-व्यवस्था संभालने वाली वर्दी ही इस तरह का व्यवहार दिखाएगी, तो महिलाओं में भरोसा कैसे कायम होगा।

स्थानीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं महिला सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियानों की जमीनी सच्चाई दिखाती हैं। पुलिस विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने को कुछ हद तक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन जनमानस की मांग है कि दारोगा के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में वर्दी के नाम पर ऐसे अमर्यादित कृत्य करने से पहले कोई भी सौ बार सोचने को मजबूर हो। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट आने पर तय की जाएगी, लेकिन इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

Share This Article
Leave a comment