ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) चार मूर्ति चौक पर हर दिन घंटों तक लगने वाले जाम से गुजरने वालों को अब कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। यहां बन रहा अंडरपास धीरे-धीरे अंतिम दौर में पहुंच गया है और इसकी छत (स्लैब) का निर्माण लगभग पूरा होने वाला है। प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि स्लैब के तैयार होते ही इसे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। यानी पूरी परियोजना पूरी होने में भले छह माह और लगें, लेकिन फिलहाल वाहन स्लैब से होकर गुजर सकेंगे।
सीईओ रवि कुमार ने लिया चार मूर्ति चौक का जायजा
मंगलवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने चार मूर्ति चौक का दौरा कर निर्माण कार्य की स्थिति देखी। वह खुद अंडरपास के चारों ओर पैदल चले और मौके पर मौजूद अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस हिस्से का कार्य पूरा हो चुका है, उसे तुरंत वाहनों के लिए खोला जाए, ताकि लोगों को आंशिक तौर पर राहत मिल सके।
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने वर्क सर्किल-1 के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर से प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने सभी सर्विस रोड को चौड़ा व दुरुस्त करने पर जोर दिया। फुटओवर ब्रिज का भी जायजा लिया और उसमें लगी लिफ्ट के नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी तय की।
सीईओ ने 60, 80 और 130 मीटर रोड का निरीक्षण किया
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अंडरपास के बाद सीईओ 60 मीटर, 80 मीटर और 130 मीटर रोड का हाल देखने पहुंचे। 60 मीटर रोड की सर्विस रोड को चौड़ा करने के निर्देश दिए। ऐस सिटी के पास से गुजरती 80 मीटर रोड, जो 60 मीटर और 130 मीटर रोड को जोड़ती है, वहां जमीन विवाद के कारण लगभग 100 मीटर हिस्सा अटका हुआ है। सीईओ ने स्पष्ट कहा कि इस अड़चन को जल्द सुलझाकर काम पूरा किया जाए। वहीं 130 मीटर रोड पर बस-वे निर्माण इसी वित्तीय वर्ष में समाप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है।
गौरतलब है कि रविवार को एसीईओ सुमित यादव भी ग्रेटर नोएडा वेस्ट पहुंचे थे। उन्होंने चार मूर्ति चौक समेत कई सड़कों का हाल देखा। निर्माण कार्य की गुणवत्ता परखने के साथ ही स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। गौड़ सिटी टू स्थित 12वें एवेन्यू के पास निवासियों ने उनसे सड़क की मरम्मत और सेंट्रल वर्ज पर आरसीसी वाल बनाने की मांग रखी। सेक्टर-4 की सड़कों का भी उन्होंने निरीक्षण किया और गड्ढे तुरंत भरने के आदेश दिए।

चार मूर्ति चौक का अंडरपास और आसपास की सड़कें ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सबसे बड़ी परिवहन परियोजनाओं में गिनी जाती हैं। इसके शुरू होते ही यहां रोजाना जाम से जूझ रहे हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
