मेरठ (शिखर समाचार) पुलिस मेरठ परिक्षेत्र ने मिशन कर्मयोगी की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। पुलिस उप महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक परिक्षेत्र के चारों जिलों मेरठ, बुलन्दशहर, बागपत और हापुड़ के कुल 13646 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी iGOT कर्मयोगी पोर्टल से पंजीकृत हो चुके हैं।
क्षमताओं को मिलेगी नई उड़ान
उन्होंने कहा कि यह पोर्टल भारत सरकार द्वारा तैयार किया गया एक महत्वाकांक्षी प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमताओं को निखारना, कार्यशैली में आधुनिकता लाना और जनता के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिए गए थे कि पुलिस विभाग सहित सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को इस पोर्टल से शीघ्र जोड़ा जाए, जिसके बाद मेरठ रेंज ने तेजी से अभियान चलाकर यह कार्यवाही पूरी की।
आंकड़ों पर नजर डालें तो परिक्षेत्र में मेरठ जिले से 4783, बुलन्दशहर से 5196, बागपत से 1591 और हापुड़ से 2076 पुलिसकर्मियों का पंजीकरण कराया गया है। यह संख्या पुलिस विभाग की तत्परता और मिशन कर्मयोगी के महत्व को दर्शाती है।
मिशन कर्मयोगी में मेरठ रेंज की सक्रिय भागीदारी
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iGOT कर्मयोगी पोर्टल एक डिजिटल लाइब्रेरी की तरह काम करता है, जहां पर 1424 से अधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इनमें ई-लर्निंग, मिश्रित शिक्षण कार्यक्रम, डोमेन आधारित पाठ्यक्रम और योग्यता विकास से जुड़े मॉड्यूल शामिल हैं। इस मंच का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं और अपनी कार्यकुशलता व व्यवहारिक दक्षता को और मजबूत बना सकते हैं।
डीआईजी नैथानी ने स्पष्ट किया कि मिशन कर्मयोगी से न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर अधिकारी कर्मचारियों की दक्षता बढ़ेगी बल्कि संपूर्ण पुलिस व्यवस्था की गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों से आह्वान किया कि वे इस पोर्टल पर उपलब्ध प्रशिक्षण का नियमित उपयोग करें और खुद को समयानुकूल बनाने में कोई कोताही न बरतें।
जनकेंद्रित प्रशासन की ओर कदम
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डीआईजी ने जानकारी देते हुए बताया कि मिशन कर्मयोगी का मूल मंत्र है जनकेंद्रित दृष्टिकोण जिसके तहत अधिकारी व कर्मचारी जनता की समस्याओं को और संवेदनशीलता के साथ समझ सकें तथा सेवा वितरण को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बना सकें। यही कारण है कि इस अभियान को शासन स्तर पर अत्यधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
मेरठ परिक्षेत्र का यह कदम पुलिस बल के आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। अब उम्मीद यही है कि कर्मयोगी पोर्टल से जुड़े पुलिसकर्मी अपने व्यवहार और कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर समाज को और बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।
