ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। मानसून की झड़ी भले ही गर्मी से राहत दे रही हो, लेकिन यह मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियों का खतरा भी खींच लाया है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। फोर्टिस ग्रेटर नोएडा के इंटर्नल मेडिसिन विभाग के निदेशक डॉ. दिनेश कुमार त्यागी बताते हैं कि मौसमी बदलाव के चलते ओपीडी में आने वाले करीब आधे मरीज दस्त और वायरल बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा लगभग चौथाई मरीज फंगल संक्रमण से जूझ रहे हैं, जबकि शेष लोग गले के इंफेक्शन और पाचन संबंधी परेशानियों के कारण इलाज के लिए आ रहे हैं।
बरसात में बीमारियों का कहर: युवा वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित, डेंगू-मलेरिया में मामूली राहत
डॉ. त्यागी के अनुसार बारिश के दिनों में सामान्य दिनों के मुकाबले डेढ़ से दो गुना अधिक रोगी अस्पतालों में दर्ज किए जा रहे हैं। खासकर युवा वर्ग (45 वर्ष तक) फ्लू, डायरिया और स्किन इंफेक्शन से ज्यादा प्रभावित हो रहा है। राहत की बात यह है कि इस बार डेंगू और मलेरिया के मामले पहले की तुलना में अपेक्षाकृत कम मिले हैं, हालांकि लापरवाही अभी भी खतरनाक साबित हो सकती है।
उन्होंने सलाह दी कि इन दिनों बाहर का बासी या लंबे समय से रखा खाना न खाएं। ताजे और साफ-सुथरे भोजन को ही प्राथमिकता दें। सलाद को छिलका उतारकर खाने की आदत डालें और पानी हमेशा फिल्टर किया हुआ या उबालकर ही पिएं। खाने से पहले हाथ धोना बेहद जरूरी है।
बरसात में बरतें ये सावधानियां: मच्छरों से बचाव से लेकर फंगल इंफेक्शन तक, जरूरी हेल्थ टिप्स
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बरसाती दिनों में मच्छरों से बचाव के लिए पूरे बाजू के कपड़े पहनना, मच्छरदानी का इस्तेमाल करना और घर के आसपास पानी जमा न होने देना अनिवार्य है। भीगने से सर्दी-जुकाम और सांस की तकलीफ बढ़ने का खतरा रहता है, इसलिए छाते और रेनकोट का इस्तेमाल करें। पैरों को फंगल इंफेक्शन से बचाने के लिए प्लास्टिक या रबर के फुटवियर पहनना भी मददगार है।
डॉ. त्यागी ने चेताया कि बरसात का मौसम जितना खुशनुमा लगता है, उतना ही स्वास्थ्य के लिहाज से जोखिमभरा भी है। जरा सी असावधानी दस्त, बुखार या संक्रमण जैसी परेशानियां खड़ी कर सकती है। यदि लोग स्वच्छता और जरूरी सावधानियों को जीवनशैली में शामिल करें, तो बारिश की फुहारों का आनंद बिना बीमारी के भी उठाया जा सकता है।
