गाजियाबाद (शिखर समाचार)
79वां स्वतंत्रता दिवस गाजियाबाद के लिए सिर्फ परंपरागत ध्वजारोहण और समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह दिन समाज के उन लोगों की मुस्कान का कारण भी बना जो वर्षों से बीमारी और उपेक्षा का बोझ झेल रहे हैं। आज नव जीवन कुष्ठ आश्रम में एक अनोखा कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहाँ प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर कुष्ठ रोग से उपचारित व्यक्तियों को सम्मान और सहयोग का अनुभव कराया।
अधिकारियों ने बाँटा सहयोग और संवेदनशीलता
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रणविजय सिंह (आईएएस), डिप्टी कलेक्टर राजेन्द्र शुक्ला और जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. राजेश तेवतिया ने अपने आश्रम में रह रहे लोगों को फल, औषधि, एमसीआर चप्पल, सेल्फ केयर किट और ड्रेसिंग सामग्री वितरित की। इस पहल का उद्देश्य केवल राहत पहुँचाना ही नहीं था, बल्कि यह विश्वास दिलाना भी था कि समाज का कोई भी वर्ग प्रशासन की नज़रों से ओझल नहीं है।
स्वतंत्रता दिवस का असली संदेश
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कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता दिवस हमें सिर्फ़ आज़ादी का महत्व नहीं बताता, बल्कि यह भी सिखाता है कि हमें अपने उन भाइयों-बहनों तक पहुँचना है जिन्हें अतिरिक्त सहयोग और संवेदनशीलता की आवश्यकता है। इसी संदेश के साथ ज़रूरतमंदों को जीवनयापन में सहूलियत देने वाली वस्तुएं उपलब्ध कराई गईं।
सिविल डिफेंस और स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय भूमिका
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इस अवसर पर गुलाब नबी उप नियंत्रक सिविल डिफेंस गाजियाबाद, एन के अग्रवाल चीफ वार्डन और अन्य सिविल डिफेंस कर्मी भी मौजूद रहे जिन्होंने कार्यक्रम को सहयोगी और सशक्त बनाने में योगदान दिया। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी नरेन्द्र कुमार सहायक मलेरिया अधिकारी, आर के पाण्डेय (एनएमएस), प्रवीन कुमार शर्मा (एनएमए), प्रदीप कुमार (पीएमडब्ल्यू) और विनोद कुमार विश्वकर्मा (पीएमडब्ल्यू) भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
मानवता और समानता की ओर प्रेरक कदम
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यह आयोजन इस बात की याद दिलाता है कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल विकास और प्रगति नहीं, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति तक बराबरी और सहानुभूति पहुँचाना भी है जिसे उसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। गाजियाबाद प्रशासन की यह पहल निश्चित रूप से सेवा, समर्पण और समानता की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

