हरिद्वार (शिखर समाचार)। आगामी 9 नवंबर 2026 को सोमवती अमावस्या के अवसर पर होने वाले गंगा स्नान पर्व को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 12 जोन और 40 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जोनल, सेक्टर और आरक्षित मजिस्ट्रेटों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों की ड्यूटी 8 नवंबर को शाम चार बजे से स्नान पर्व की समाप्ति तक प्रभावी रहेगी।
12 जोन और 40 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र, मजिस्ट्रेट तैनात
प्रशासन के अनुसार स्नान पर्व पर देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात, पार्किंग और शांति व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में जिम्मेदारी के साथ व्यवस्थाएं संभालने के निर्देश दिए हैं।
हरकी पैड़ी जोन में नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी, मालवीय दीप में उप मेलाधिकारी मंजीत सिंह, सुभाष घाट में डिप्टी कलेक्टर आकाश जोशी, मनसा देवी में उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा, अपर रोड में उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी और ऋषिकुल मैदान में संयुक्त आयुक्त राज्य कर नीरज कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा खड़खड़ी-सप्तऋषि में योगेश कुमार, रोड़ी बेलवाला में राम कुमार दोहरे, रोड़ी बेलवाला पार्किंग एवं मैदान में अतुल प्रताप सिंह, शंकराचार्य चौक में डीपी सिंह, सिडकुल में सुशील नौटियाल और चंडी देवी में डॉ. विकास ठाकुर को जोनल मजिस्ट्रेट बनाया गया है।
24 घंटे सक्रिय रहेगा नियंत्रण कक्ष, सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मजबूत
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स्नान पर्व के दौरान 24 घंटे सक्रिय रहने वाला नियंत्रण कक्ष रोशनाबाद स्थित आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय में संचालित होगा। आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत को इसका प्रभारी बनाया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 7351428593 जारी किया गया है।
सुरक्षा के लिए पुलिस बल, जल पुलिस और अग्निशमन दल की तैनाती के साथ एंबुलेंस, चिकित्सकीय दल, पेयजल, बिजली और सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
