हापुड़ (शिखर समाचार)। जनपद में राशन कार्डों के सत्यापन के दौरान अपात्र पाए गए 32,612 लाभार्थियों के नाम राशन कार्ड की सूची से हटा दिए गए हैं। शासन के कड़े निर्देशों के बाद की गई इस बड़ी कार्रवाई के तहत चिह्नित किए गए इन अपात्रों को अब नवंबर माह से सरकारी राशन का लाभ नहीं मिल सकेगा। निरस्त की गई सूची में मुख्य रूप से मृतक, आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी, वाहन स्वामी और निर्धारित सीमा से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार शामिल हैं।
सत्यापन में 32,612 अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाए
जनपद में वर्तमान में लगभग 9.5 लाख पात्र लोगों को हर महीने खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। शासन के निर्देश पर हाल ही में लाभार्थियों के दस्तावेजों और विभिन्न विभागों के आंकड़ों का ऑनलाइन मिलान कराया गया, जिसमें राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड के डाटा के आधार पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आईं। इस गहन जांच और आंकड़ों के सत्यापन के बाद ही अपात्रों की पहचान कर उनका नाम सूची से पृथक करने की कार्रवाई अमल में लाई गई है।
जिला आपूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा बालियान ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि जांच में 5,483 मृतक लाभार्थियों के नाम सामने आए, जिनमें से 4,883 लोग पिछले महीने तक राशन ले रहे थे। इसके अलावा छह से बारह महीने तक अनाज न उठाने वाले 3,568 और एक साल से अधिक समय से राशन न लेने वाले 9,285 कार्डधारकों को भी चिह्नित कर सूची से बाहर किया गया है। वहीं दूसरे राज्यों में बने डुप्लीकेट राशन कार्ड के भी 401 मामले प्रकाश में आए हैं।
आय और विभागीय आंकड़ों के मिलान में भी पकड़े गए अपात्र
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/\
विभागीय कार्रवाई में डाक विभाग के 25, रेलवे के 2,097 और केंद्रीय कर्मचारी श्रेणी के 83 लोगों के नाम काटे गए हैं। आयकर विभाग के आंकड़ों के मिलान में छह लाख से अधिक आय वाले 3,880, तीन लाख से अधिक आय वाले 106 और दो लाख रुपये से अधिक सालाना कमाने वाले 81 अपात्र पाए गए। जिला आपूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विभागीय आंकड़ों के आधार पर यह पूरी कार्रवाई की गई है और भविष्य में भी अपात्रों के खिलाफ जांच जारी रहेगी।
